तिहाड़ जेल में सौरव दास और आशुतोष रांका पर कड़ी निगरानी, 24 घंटे सीसीटीवी की जद में दोनों नेता राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 6
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल में 5 दिन की हिरासत काट रहे हैं, जहां उन्हें सख्त सुरक्षा और अलग-अलग सेल में रखा गया है।

तिहाड़ जेल में कड़ी निगरानी

कॉकरोच जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरव दास और आशुतोष रांका इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में 5 दिनों की हिरासत में हैं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और दोनों नेताओं की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही है। इन दोनों को जेल के ऐसे हिस्सों में रखा गया है जहां कैदियों की संख्या काफी कम है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अलग-अलग जेलों में बंद

जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, सौरव दास का कैदी नंबर 3752 है, जबकि आशुतोष रांका का कैदी नंबर 1784 दर्ज किया गया है। शुरुआत में दोनों को जेल नंबर 2 में रखा गया था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से बाद में व्यवस्था बदली गई। वर्तमान स्थिति यह है कि सौरव दास जेल नंबर 2 के वार्ड नंबर 3 में बंद हैं, वहीं आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 के वार्ड नंबर 15 में स्थानांतरित कर दिया गया है।

जेल में दिनचर्या और सुविधाएं

जेल अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं को सामान्य कैदियों की तरह ही भोजन दिया जा रहा है जिसमें दाल, रोटी, चावल और सब्जी शामिल है। उन्हें जेल के नियमों के तहत टीवी देखने और समाचार पत्र पढ़ने की सुविधा भी मुहैया कराई गई है। सोने के लिए उन्हें कंबल दिए गए हैं और वे फर्श पर ही सो रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके वार्ड पूरी तरह से सुरक्षित हैं और दूसरे वार्ड के किसी भी कैदी को वहां आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई है।

जेल का इतिहास और मौजूदा माहौल

सौरव दास को उसी जेल में रखा गया है जहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी हिरासत के दौरान रह चुके हैं। उसी जेल परिसर में जेएनयू के छात्र रहे उमर खालिद भी बंद हैं, हालांकि उन्हें एक अलग उच्च सुरक्षा वाले सेल में रखा गया है। दूसरी ओर, जिस जेल नंबर 4 में आशुतोष रांका को रखा गया है, वहां पहले विपश्यना ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा भी अतीत में इसी जेल में रह चुके हैं।

मुलाकात की कोशिश और इनकार

हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने तिहाड़ पहुंचकर दोनों नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो इन नेताओं में से एक ने दूसरे कैदी से मिलने की इच्छा जताई थी और जेल प्रशासन से इसके लिए मौखिक अनुरोध किया था। हालांकि, जेल की सुरक्षा नीतियों और नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस आग्रह को सिरे से खारिज कर दिया। फिलहाल, दोनों नेता जेल प्रशासन की निगरानी में अपनी हिरासत पूरी कर रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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