महाराष्ट्र
एक महीने पहले
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विचारों
परिसीमन विधेयक पर सुप्रिया सुले ने रखा पार्टी का पक्ष
संसद के आगामी मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन विधेयक लाए जाने की संभावनाओं को लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच राजनीतिक हलकों में यह अफवाह भी गर्म थी कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी-एसपी इस विधेयक का समर्थन कर सकती है। इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए एनसीपी-एसपी की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है।
अधिकारिक बिल आने के बाद ही तय होगी भूमिका
सुप्रिया सुले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी की भूमिका को लेकर जो भी खबरें चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से सूत्रों के हवाले से हैं। उन्होंने साफ किया कि पार्टी की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सुले ने कहा कि जब तक नया विधेयक संसद के पटल पर नहीं आ जाता, तब तक इस विषय पर कुछ भी कहना संभव नहीं है।
जनसंख्या आधारित परिसीमन पर जताई चिंता
इस दौरान सुप्रिया सुले ने महिला आरक्षण विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने उस विधेयक को पूर्ण बहुमत के साथ पारित कराया था। हालांकि, परिसीमन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि केवल जनसंख्या को आधार बनाकर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, तो यह देश के दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ एक बड़ा अन्याय होगा।
महाराष्ट्र की सीटों पर पड़ेगा बड़ा असर
सुप्रिया सुले ने इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा हर राज्य में 50 प्रतिशत का एक फॉर्मूला प्रस्तावित किया गया था। इस नए फॉर्मूले के तहत महाराष्ट्र की सीटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है:
- महाराष्ट्र में वर्तमान लोकसभा सीटों की संख्या 48 है।
- इस नए प्रस्तावित फॉर्मूले के लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी।
फिलहाल, एनसीपी-एसपी संसद में बिल पेश होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही पार्टी इस पर अपनी अंतिम रणनीति का खुलासा करेगी।
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