मात्र 20 हजार की लागत से शुरू करें यह अनोखी खेती, सालाना होगी 4 लाख रुपये तक की बंपर कमाई मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
खेती से मोटी कमाई करने का यह बेहतरीन मौका है। बाल सुंदरी बेर की खेती आपको 8 महीने तक फल और पूरे 20 साल तक निरंतर मुनाफा दे सकती है।

खेती अब बन गई है मुनाफे का जरिया

आज के दौर में खेती केवल गुजारे का साधन नहीं रही है। अगर सही तकनीक और उन्नत किस्म का चयन किया जाए, तो किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। इन्हीं में से एक विकल्प है बाल सुंदरी बेर की खेती, जिसकी मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है। मूल रूप से दक्षिण भारत से आई यह बेर की किस्म अब मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों के लिए कमाई का जरिया बन गई है।

कम लागत में मोटी कमाई का गणित

इस फसल की सबसे बड़ी खासियत इसकी उत्पादकता है। एक एकड़ भूमि पर लगभग 500 पौधे लगाए जा सकते हैं। पौधों को लगाने के लिए 10 गुना 10 फीट की दूरी रखना अनिवार्य है ताकि उन्हें उचित विकास का स्थान मिल सके। आंकड़ों के अनुसार, एक एकड़ में बागवानी तैयार करने का खर्च महज 20 हजार रुपये आता है। वहीं, एक पेड़ से औसतन 15 से 20 किलो तक बेर का उत्पादन होता है। बाजार में इसकी कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है, जिससे किसान साल में 4 लाख रुपये तक की आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, कई किसान पहले ही इससे 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा चुके हैं।

पौधे लगाने का सही समय और तकनीक

बेर के पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय बरसात का मौसम है, जो मुख्य रूप से जुलाई से सितंबर के बीच होता है। इसे बलुई दोमट या दोमट मिट्टी में लगाना सबसे बेहतर रहता है, लेकिन ध्यान रहे कि खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था हो क्योंकि पानी का जमाव फसल के लिए नुकसानदेह है।

  • खेत की तैयारी के दौरान 2 से 3 बार गहरी जुताई करें।
  • गड्ढे तैयार करते समय उसमें 10 से 15 किलो सड़ी हुई गोबर की खाद और 1 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट मिलाएं।
  • कीटों से बचाव के लिए जैविक दवाओं का उपयोग करें।

दीर्घकालिक लाभ

यह खेती एक बार की मेहनत और लंबी अवधि के लाभ का बेहतरीन उदाहरण है। बाल सुंदरी बेर का पौधा करीब 20 साल तक लगातार फल देता है। जैसे-जैसे पौधे पुराने होते हैं, उनकी पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है। सही देखरेख और समय-समय पर छंटाई करने से एक पेड़ से 1 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है। इसके साथ ही किसान इंटरक्रॉपिंग के जरिए एक ही खेत से दोहरी आय भी प्राप्त कर सकते हैं। बाल सुंदरी के अलावा मिस इंडिया जैसी किस्म भी स्वाद और आकर्षक रंग के कारण बाजार में काफी पसंद की जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!