झुंझुनूं की बेटी बबीता मीणा की कामयाबी की कहानी, गली क्रिकेट से टीम की कप्तानी तक का सफर व्यापार 2 महीने पहले 82
झुंझुनूं की बबीता मीणा ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए जिला महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी तक का मुकाम हासिल किया है।

संघर्ष से सफलता तक की राह

राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली बबीता मीणा ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली बबीता ने गली क्रिकेट से अपने खेल की शुरुआत की थी। उनके पिता ने उन्हें हमेशा खेल के लिए प्रोत्साहित किया और आज वे जिला महिला क्रिकेट टीम की कमान संभाल रही हैं।

साल 2008 से जारी है मेहनत

बबीता का क्रिकेट के प्रति जुनून साल 2008 से लगातार बना हुआ है। पिछले कई वर्षों से वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में सक्रिय हैं। अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने न केवल जिला स्तर पर नाम कमाया, बल्कि कोच सिकंदर अली के मार्गदर्शन में अपनी खेल शैली को और अधिक निखारा है। इसी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने राजस्थान की टी-20 टीम में अपनी जगह पक्की की है।

भारतीय टीम का सपना

बबीता मीणा का खेल केवल जिला या राज्य स्तर तक सीमित नहीं है। वे विराट कोहली और शेफाली वर्मा को अपना आदर्श मानती हैं और उन्हीं की तरह खेल के मैदान पर अपना दबदबा बनाना चाहती हैं। उनका मुख्य लक्ष्य भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान बढ़ाना है। बबीता की यह कहानी उन तमाम लड़कियों के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहती हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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