हॉस्टल की मुश्किल बनी प्रेरणा, बिहार के इंजीनियर ने 'धोबी जी' ऐप से लॉन्ड्री क्षेत्र में लाया बदलाव, 500 लोगों को मिला रोजगार व्यापार एक महीने पहले 22
पूर्णिया के बीटेक इंजीनियर रविरंजन ने हॉस्टल में कपड़े धोने की परेशानी से प्रेरणा लेकर 'धोबी जी' नाम से एक स्वदेशी लॉन्ड्री स्टार्टअप खड़ा किया, जिसने 500 लोगों को रोजगार दिया है।

कोई भी विचार किसी भी समय और किसी भी जगह से मन में आ सकता है, लेकिन असली परीक्षा इस बात की होती है कि उसे जमीन पर कैसे उतारा जाए। पूर्णिया के बीटेक इंजीनियर रविरंजन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने अपनी रोजमर्रा की एक परेशानी को ही कारोबार का आधार बना लिया।

हॉस्टल की परेशानी से जन्मा विचार

बीटेक की पढ़ाई के दिनों में रविरंजन को हॉस्टल में कपड़े धोने की बड़ी दिक्कत झेलनी पड़ती थी। एक ओर पढ़ाई का दबाव और दूसरी ओर लॉन्ड्री के लिए की जाने वाली भागदौड़, यह दोनों मिलकर उनके लिए बड़ी चुनौती बन गए थे। यहीं से उनके मन में कुछ नया करने का खयाल पनपने लगा।

फूड डिलीवरी से मिली दिशा

रविरंजन ने महसूस किया कि जब आज के दौर में फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना सीधे घर तक पहुंच सकता है, तो फिर लॉन्ड्री की सुविधा भी इसी तरह घर बैठे क्यों नहीं मिल सकती। यही सवाल उनके लिए एक नई राह बन गया।

स्वदेशी स्टार्टअप की शुरुआत

इसी सोच ने उनके मन में एक स्वदेशी स्टार्टअप का बीज बो दिया, जिसे उन्होंने 'धोबी जी' नाम दिया। इस पहल के जरिए उन्होंने न केवल लॉन्ड्री की दुनिया को नया रूप देने की कोशिश की, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार किए। उनके इस उद्यम से अब तक 500 लोगों को रोजगार मिल चुका है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप