बिहार
3 घंटे पहले
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घोड़ासहन में टेक्सटाइल उद्योग की नई शुरुआत
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से रोजगार और विकास की एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र में OBEBO CLOTHING नामक कंपनी ने कपड़ा उद्योग में एक बड़ा निवेश किया है। निजी क्षेत्र की इस पहल के तहत करीब 11 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुले हैं। वर्तमान में इस टेक्सटाइल यूनिट ने लगभग 400 लोगों को सीधे तौर पर काम पर रखा है। आने वाले समय में रोजगार का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है, जिससे बिहार से होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं
इस प्रोजेक्ट के बारे में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे काफी उत्साहित करने वाले हैं। कंपनी की विस्तार योजनाओं के अनुसार, आने वाले दिनों में कुल 800 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, अप्रत्यक्ष रूप से भी लगभग 300 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर, इस निवेश से क्षेत्र के 1,000 से अधिक लोगों को आजीविका का साधन मिलेगा।
अधिकारियों ने लिया यूनिट का जायजा
इस टेक्सटाइल यूनिट की प्रगति और उत्पादन स्तर को देखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय नजर आए। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और जिलाधिकारी सौरव सुमन यादव ने उद्योग विभाग की टीम के साथ घोड़ासहन स्थित इस फैक्ट्री का दौरा किया। अधिकारियों ने वहां चल रही उत्पादन गतिविधियों, कंपनी के बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने OBEBO क्लॉथिंग के संचालक आदर्श कुमार से मुलाकात की और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता
फैक्ट्री को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। यहाँ के इंफ्रास्ट्रक्चर की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- फैक्ट्री में 250 से अधिक सिलाई मशीनें लगी हैं।
- 2 आधुनिक एंब्रॉयडरी मशीनें लगाई गई हैं।
- कपड़ों की धुलाई के लिए प्रतिदिन 1,000 पीस की क्षमता है।
- कपड़ों की छपाई (प्रिंटिंग) के लिए प्रतिदिन 3,000 पीस की क्षमता है।
यहाँ शर्ट, शॉर्ट्स, जींस, पोलो शर्ट, कुर्ता, पजामा, लेडीज कुर्ता और लोअर जैसे विविध परिधान तैयार किए जा रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि 11 करोड़ रुपये का यह निवेश सिर्फ एक शुरुआत है। भविष्य में और अधिक पूंजी निवेश करने की योजना है, क्योंकि बिहार में टेक्सटाइल सेक्टर में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार भी इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। हल्दिया एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इन सड़कों के बनने से उद्योग का तेजी से विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं भी तेजी से विकसित होंगी।
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