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एक घंटा पहले
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शेयर बाजार में रही मिला-जुला रुख वाली स्थिति
हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों ने काफी अस्थिरता का सामना किया। सत्र की समाप्ति तक सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने मामूली गिरावट दर्ज की। बाजार में बिकवाली का यह दबाव विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, मेटल, एनर्जी और फार्मा शेयरों पर केंद्रित रहा। निवेशकों की चिंता मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी दिखाई दी, जो कमजोरी के साथ बंद हुए।
14 अगस्त को कारोबार बंद होने तक, सेंसेक्स 70.71 अंक की गिरावट लेकर 78,009.25 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी में 29.85 अंकों की सुस्ती देखी गई और यह 24,366 पर जाकर रुका। दिन भर के कारोबार का विश्लेषण करें तो कुल 1,855 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,244 शेयरों को नुकसान का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, 174 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर बने रहे।
टाटा मोटर्स और अन्य शेयरों में बिकवाली का दौर
निफ्टी पर बिकवाली का असर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, जियो फाइनेंशियल, ओएनजीसी, हिंडाल्को और एसबीआई जैसे प्रमुख स्टॉक्स पर स्पष्ट नजर आया। इसके विपरीत, अपोलो हॉस्पिटल्स, भारती एयरटेल, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और विप्रो के शेयरों ने बाजार में मजबूती दिखाते हुए लाभ दर्ज किया।
क्षेत्रीय सूचकांकों का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी मीडिया को छोड़कर लगभग सभी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मीडिया में 0.96% की सकारात्मक बढ़त देखने को मिली। वहीं, निफ्टी फार्मा सबसे अधिक दबाव में रहा, जिसमें 1.04% की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.72%, एफएमसीजी 0.56%, ऑटो 0.54% और आईटी सूचकांक 0.34% फिसलकर बंद हुए। बाजार की यह चाल वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बदलती कीमतों के बीच निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
निफ्टी 50 के मुख्य बढ़त और गिरावट वाले शेयर
- अपोलो हॉस्पिटल: +3.71%
- भारती एयरटेल: +2.73%
- अडानी एंटरप्राइजेज: +2.53%
- अडानी पोर्ट्स: +2.41%
- विप्रो: +0.49%
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल: -4.46%
- जियो फाइनेंशियल: -2.19%
- ओएनजीसी: -1.9%
- एशियन पेंट्स: -1.83%
- एसबीआई: -1.62%
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
ब्रेंट क्रूड के दाम सप्ताह की शुरुआत की तुलना में थोड़े नरम हुए हैं, हालांकि वे अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत के लिए, जो अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एक महत्वपूर्ण आर्थिक चिंता का विषय हैं।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में भी मिली-जुली प्रतिक्रिया दिखी। जापान का Nikkei 225 0.75% और दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.36% की बढ़त के साथ बंद हुए। सिंगापुर का Straits Times भी 0.41% ऊपर रहा। हालांकि, हांगकांग के Hang Seng में 1.17% और ताइवान के Weighted Index में 0.46% की गिरावट देखी गई।
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