बीकानेर में दिल दहला देने वाली वारदात: मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे ने सोते समय अपनी ही बुजुर्ग मां को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला क्राइम एक महीने पहले 77
राजस्थान के बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एक कलयुगी बेटे द्वारा अपनी 78 वर्षीय बुजुर्ग मां की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के बाना गांव से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी बेटे ने मानवता और पारिवारिक रिश्तों को तार-तार करते हुए अपनी ही वृद्ध मां की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका की पहचान 78 वर्षीय गीता देवी के रूप में हुई है। यह खौफनाक वारदात उस समय हुई जब बुजुर्ग गीता देवी अपने घर में गहरी नींद में सो रही थीं। तभी उनके बेटे रामनिवास ने उन पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अचानक और जानलेवा हमले में बुजुर्ग महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला और मौके पर ही दर्दनाक तरीके से उनकी मौत हो गई।

आरोपी बेटा मानसिक रूप से था बीमार

इस भयावह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ मृतका के घर के बाहर एकत्र हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे रामनिवास को अपनी हिरासत में ले लिया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रामनिवास पिछले काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था। उसका एक मानसिक चिकित्सालय से नियमित इलाज भी चल रहा था। हालांकि, पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि वह अचानक इतना उग्र हो गया और उसने अपनी ही जन्मदाता पर इतना हिंसक हमला कर दिया।

दूसरे भाई ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा

इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद मृतका के दूसरे बेटे ओमप्रकाश ने श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में अपने सगे भाई रामनिवास के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। ओमप्रकाश की लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस कानून के दायरे में रहकर हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

FSL और MOU टीमों ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता और अपराध की जघन्यता को देखते हुए पुलिस विभाग ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है। बीकानेर से विशेष FSL और MOU टीमों को तुरंत घटनास्थल पर बुलाया गया। इन विशेषज्ञ टीमों ने बाना गांव पहुंचकर वारदात स्थल का सूक्ष्मता से मुआयना किया। जांच टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • घटना में इस्तेमाल की गई खून से सनी हुई लाठी।
  • वारदात वाली जगह और घर के अन्य हिस्सों से उंगलियों के निशान।
  • मृतका के खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सबूत।

इन वैज्ञानिक साक्ष्यों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव

पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मृतका गीता देवी के शव को अपने कब्जे में लेकर श्रीडूंगरगढ़ स्थानीय अस्पताल के शवगृह भिजवाया। वहां डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया, जिसकी देखरेख में मृतका का पोस्टमार्टम संपन्न हुआ। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने गीता देवी के शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया। वहीं दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी रामनिवास से पुलिस थाने में लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे छिपे वास्तविक कारणों और उसकी उग्रता की वजह का सटीक पता लगाया जा सके।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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