हिमाचल प्रदेश: नालागढ़ में कारोबारी पर फायरिंग के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो और पिस्तौल बरामद हिमाचल प्रदेश एक घंटा पहले 6
सोलन जिले के नालागढ़ में स्क्रैप कारोबारी के घर और दफ्तर पर तीन बार हुई फायरिंग की गुत्थी को बद्दी पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने पंजाब और हिमाचल के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और वाहन बरामद किए हैं।

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ इलाके में स्क्रैप कारोबारी से जुड़ी दहशतगर्दी और गोलीबारी के मामलों का बद्दी पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया है। लगातार तीन बार हुई फायरिंग की घटनाओं से पूरे क्षेत्र में फैली सनसनी के बीच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की इस सफलता की जानकारी देते हुए बद्दी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद धीमान ने नालागढ़ पुलिस थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूरे घटनाक्रम का ब्योरा साझा किया। इस मौके पर उनके साथ उपाधीक्षक (डीएसपी) तथा मामले की तफ्तीश में जुटी विशेष जांच टीम के सदस्य भी उपस्थित रहे।

तीन अलग-अलग तारीखों पर हुई थीं अंधाधुंध फायरिंग की वारदातें

मामले का विवरण देते हुए एसपी विनोद धीमान ने बताया कि नालागढ़ के गांव बूटा पलासी और गोल जमाला क्षेत्र में अपराधियों ने खौफ पैदा करने की नीयत से एक के बाद एक तीन अलग-अलग दिन फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया था:

  • पहला हमला (14 अक्टूबर): 14 अक्टूबर की रात अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने गांव बूटा पलासी में रणवीर सिंह के घर के बाहर हवाई फायरिंग करके दहशत फैलाने का प्रयास किया था।
  • दूसरा हमला (23-24 अक्टूबर): इसके बाद, 23 और 24 अक्टूबर की दरमियानी रात को अपराधियों ने उसी गांव बूटा पलासी में मनप्रीत सिंह के घर के बाहर चार राउंड फायर किए। इनमें से दो गोलियां परिसर में खड़ी फॉर्च्यूनर गाड़ी में लगी थीं।
  • तीसरा हमला (25 अक्टूबर): वारदात की यह श्रृंखला यहीं नहीं थमी। इसके बाद 25 अक्टूबर को गोल जमाला स्थित यूसुफ एंटरप्राइजेज कंपनी को निशाना बनाया गया। वहां बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक पर आए दो नकाबपोश युवकों ने कंपनी के मुख्य गेट पर करीब पांच राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

सीसीटीवी और साइबर जांच से हत्थे चढ़े चार आरोपी

लगातार हो रही इन दुस्साहसिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बद्दी के पुलिस अधीक्षक ने विशेष पुलिस टीमों का गठन किया था। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से अपराधियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने 29 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • उपकार सिंह: निवासी रूपनगर (पंजाब)
  • राजिंदर कुमार: निवासी बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)
  • देवेंद्र सिंह: निवासी आनंदपुर साहिब (पंजाब)
  • अमृतपाल सिंह: निवासी रूपनगर (पंजाब)

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में शामिल एक स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर PB 65 BL 9086), एक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

फिरौती और गिरोह के कनेक्शन की गहन पड़ताल

एसपी विनोद धीमान ने बताया कि चारों आरोपियों को 30 अक्टूबर को अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस रिमांड हासिल कर उनसे गहन पूछताछ करेगी ताकि इस गोलीबारी के पीछे की असल वजह, फिरौती मांगने के संभावित कनेक्शन, हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क और किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

अपराधियों को सीधी चेतावनी और जनता से सहयोग की अपील

प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा करने, अंधाधुंध फायरिंग करने या फिरौती की मांग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी को भी किसी तरह की धमकी या फिरौती की मांग मिले तो वे तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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