हरियाणा
2 घंटे पहले
4
विचारों
देसूजोधा गांव में स्वास्थ्य संकट
हरियाणा के सिरसा जिले से स्वास्थ्य संबंधी एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिले के देसूजोधा गांव में कथित तौर पर दूषित पानी की सप्लाई के कारण हेपेटाइटिस-ए यानी पीलिया का प्रकोप फैल गया है। इस बीमारी की चपेट में आने से अब तक 100 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में हाल ही में बिछाई गई नई पानी की पाइपलाइन में रिसाव के चलते पीने का पानी दूषित हो गया, जिसके बाद लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ने लगे।
गंभीर मरीज एम्स और अन्य अस्पतालों में भर्ती
बीमारी का प्रकोप इतना अधिक है कि कुछ मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गांव के निवासी मलकीत सिंह की 21 वर्षीय बेटी प्रभजोत और कुलदीप सिंह की 18 वर्षीय बेटी प्रीत कौर को इलाज के लिए एम्स बठिंडा और दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लुधियाना में भर्ती करवाया गया है। इनके अलावा जसमीत कौर, हरप्रीत कौर, गोपी, मनप्रीत कौर, राजकरण और गुरनूर जैसे कई अन्य प्रभावित लोग सिरसा, डबवाली, बठिंडा, लुधियाना और रामा मंडी के विभिन्न अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं।
पाइपलाइन में रिसाव से फैली बीमारी
गांव के सरपंच चरनजीत सिंह और अन्य ग्रामीण इस पूरी स्थिति के लिए प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पुरानी पाइपलाइन को बदलने का काम किया जा रहा था, और इसी दौरान नई पाइपलाइन में हुए रिसाव की वजह से घरों तक दूषित पानी पहुंचा। पिछले एक सप्ताह से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जब चिकित्सकीय जांच की गई, तो सामने आया कि कई मरीज हेपेटाइटिस-ए से संक्रमित हैं। ग्रामीणों ने स्वच्छ पानी की व्यवस्था और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर अपना विरोध भी जताया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े और मरीजों की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच के आंकड़े स्थिति की भयावहता को दर्शाते हैं। विभाग ने पिछले पांच दिनों में गांव के 540 लोगों के नमूने लिए हैं। इन जांचों में 216 लोगों में पीलिया के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं। इनमें से 45 मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती मरीजों का विवरण इस प्रकार है:
- 5 वर्ष तक की आयु के 2 बच्चे शामिल हैं।
- 18 वर्ष तक की उम्र के 26 मरीज भर्ती हैं।
- 60 वर्ष तक की आयु के 17 मरीज उपचाराधीन हैं।
- कुल भर्ती मरीजों में 30 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं।
प्रशासन का आश्वासन
स्थिति को नियंत्रित करने और वस्तुस्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की एक विशेष टीम ने शनिवार को देसूजोधा गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया है कि गांव में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को गांव में और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि इस बीमारी से प्रभावित सभी मरीजों के इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी।
Comments
0 comment