फ्लाईदुबई विमान हाईजैक साजिश: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर इशारा किया, सामने आई खौफनाक योजना विश्व 3 घंटे पहले 6
दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की नाकाम कोशिश पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले के पीछे को-पायलट की सोची-समझी साजिश और विमान को टकराने की मंशा का खुलासा हुआ है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जताया संदेह

फ्लाईदुबई के विमान के साथ हुई हालिया घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस मामले पर अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें इस विमान हाईजैक की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ लगता है। इस पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनका मानना है कि इस हमले के पीछे ईरान का ही हाथ है। हालांकि अभी मामले की आधिकारिक जांच जारी है, लेकिन ट्रंप की इस टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है।

भारतीय पायलट पर हमला और हाईजैक की कोशिश

यह खौफनाक घटना 30 सितंबर को तब घटी जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी। इस विमान को हाईजैक करने का प्रयास किसी बाहरी हमलावर ने नहीं, बल्कि विमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने किया था। ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की। उसने विमान के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को अपना निशाना बनाया और विमान में आपातकालीन स्थिति के लिए रखे गए एक छोटे हथौड़े से उन पर पीछे से हमला कर दिया। इस हमले में पायलट बुरी तरह घायल हो गए और उनका सिर लहूलुहान हो गया।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से टला बड़ा हादसा

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन स्मित मच्छार ने अपना साहस नहीं खोया और तुरंत कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनकी सतर्कता के कारण विमान में मौजूद यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी क्रू ने तुरंत हरकत में आते हुए हमलावर को-पायलट को दबोच लिया। संघर्ष के दौरान विमान अचानक 16 हजार फीट नीचे आ गया, जिससे हवा में अफरा-तफरी मच गई। उस वक्त विमान में यात्रा कर रहे एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने मोर्चा संभाला और विमान पर नियंत्रण हासिल किया। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबूक स्थित हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा। इस इमरजेंसी लैंडिंग के जरिए विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान बचा ली गई।

इजरायल में विनाशकारी हमले की साजिश

पूछताछ के दौरान हमाम अल-हमामी ने अपने भयावह इरादों का खुलासा किया। उसने बताया कि उसकी योजना कैप्टन स्मित मच्छार को रास्ते से हटाकर विमान पर पूरी तरह नियंत्रण करने की थी। उसका इरादा तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति मांगकर विमान को किसी इमारत या वहां खड़े अन्य विमानों से टकराने का था। इटली के समाचार पत्र कोरिरे डेला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ने विमान को किसी गगनचुंबी इमारत से टकराने की पूरी तैयारी कर ली थी। जब उसका यह प्लान नाकाम हो गया, तो उसने विमान को रेगिस्तान में क्रैश करने की कोशिश की। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि उसने विमान के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति को बंद करने के लिए स्विच को ऑफ कर दिया था, लेकिन पायलट और यात्रियों के साहस ने उसकी इस खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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