पंजाब
6 घंटे पहले
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विचारों
पंजाब में नशीली दवाओं (ड्रग्स) के बढ़ते जाल के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक सिख नौजवान के साथ कथित रूप से अमानवीय और बर्बर व्यवहार किए जाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस घटना को लेकर सूबे की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं। अकाली दल प्रमुख ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक पोस्ट के जरिए इस पूरे वाकये को साझा किया और बताया कि पीड़ित युवक ने सुनाम के शेरो गांव में एक मकान की छत पर चढ़कर नशीले पदार्थों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया था। अकाली दल प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में नशे के सच को उजागर करने की हिम्मत दिखाने वाले सिख युवक को सरकार की तरफ से यह खौफनाक सजा भुगतनी पड़ी है।
युवक के साथ की गई बर्बरता की दर्दनाक दास्तां
सुखबीर सिंह बादल द्वारा लगाए गए आरोप रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। अकाली दल प्रमुख ने इस क्रूरता का ब्यौरा देते हुए बताया कि पीड़ित नौजवान के साथ किस तरह की यातनाएं दी गईं:
- पीड़ित युवक के जबरन सारे कपड़े उतार दिए गए और उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।
- उसे प्रताड़ित करने के लिए बिजली के झटके दिए गए।
- सिख धर्म की पहचान मानी जाने वाली उसकी पगड़ी और दाढ़ी के साथ भी बेहद अभद्र व्यवहार और बेअदबी की गई।
- आरोप है कि युवक की जांघों पर ब्लेड से गहरे घाव किए गए और उसके बाद उन जख्मों पर नमक छिड़का गया।
- युवक को एक घंटे से अधिक समय तक गीले जूतों से पीटा गया और बाद में उसे निर्वस्त्र हालत में घुमाया गया।
- इतना ही नहीं, सरेआम उसकी मां और बहनों के साथ भी घोर बदसलूकी की गई।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तुरंत दखल देने की मांग
इस पूरे घटनाक्रम को पूरी तरह से असहनीय और अमानवीय बताते हुए सुखबीर सिंह बादल ने इसकी कड़ी भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि वह इस घिनौने कृत्य की पुरजोर निंदा करते हैं और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से मांग करते हैं कि वह इस मामले का तुरंत संज्ञान ले। बादल ने अपनी पोस्ट में कहा कि इस तरह के दमनकारी हथकंडों से पंजाब की जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया से भी अपील की है कि वे इस पूरे मामले को उजागर करें और इसे आम आदमी पार्टी द्वारा फैलाए जा रहे आतंक के रूप में देश के सामने लाएं।
सीएम भगवंत मान और उनके परिवार पर विपक्ष के गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब की राजनीति में पहले से ही भारी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दलों, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर और AAP के शीर्ष नेतृत्व पर बिचौलियों के माध्यम से एक बड़ा जबरन वसूली सिंडिकेट चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में बलात्कार जैसे संगीन मामलों को रफा-दफा करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पहले ही इस पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
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