सीकर में भारी जलभराव से NH-52 हुआ तालाब, फसलों की बर्बादी का डर राजस्थान एक महीने पहले 68
सीकर में बारिश के बाद नानी बीड़ के पास जलभराव से आमजन और किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। NH-52 पर कई किलोमीटर तक भरा पानी यातायात और खेती के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

सड़क बनी तालाब, राहगीरों के लिए मुसीबत

सीकर में मानसून की पहली बारिश के साथ ही नानी बीड़ इलाके में जलभराव की पुरानी समस्या फिर से गहरा गई है। कच्चे बांध से पानी छोड़े जाने की वजह से नेशनल हाईवे NH-52 की स्थिति बेहद खराब हो गई है। नानी चौराहे से लेकर भढ़ाढर तिराहे तक का मार्ग कई किलोमीटर तक पानी में डूब गया है, जिससे यह सड़क किसी तालाब जैसी नजर आने लगी है। इस स्थिति के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फसलों को हो रहा भारी नुकसान

जलभराव की इस समस्या ने केवल सड़क ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। खेतों में गंदा पानी घुसने से फसलों के खराब होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल बारिश के दौरान यह समस्या दोहराई जाती है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित होता है। दोपहिया वाहन चालक लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और कई वाहन गहरे पानी में फंसने से बंद हो रहे हैं।

क्या है समाधान की योजना

स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कवायद की जा रही है। 50 करोड़ रुपए की लागत वाली एसटीपी परियोजना पर काम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से भविष्य में इस जलभराव की स्थिति से निजात दिलाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, जब तक यह परियोजना पूरी नहीं होती, तब तक आम लोगों को इस खराब रास्ते से गुजरने की मजबूरी बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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