खाटूश्यामजी के दरबार में नतमस्तक हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री परवेश वर्मा, बाबा से लिया आशीर्वाद राजस्थान एक घंटा पहले 4
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री परवेश वर्मा ने राजस्थान के सीकर स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त किया।

खाटूश्यामजी धाम पहुंचे परवेश वर्मा

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी का प्रसिद्ध मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। इसी क्रम में, रविवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री परवेश वर्मा खाटूश्यामजी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने यहाँ बाबा श्याम की विधिवत पूजा-अर्चना की और मंदिर के गर्भगृह में जाकर उनके चरणों में शीश नवाया। उनके आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर मंदिर कमेटी द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं और उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

मंदिर कमेटी ने किया भव्य स्वागत

मंदिर पहुंचने पर परवेश वर्मा का मंदिर प्रशासन की ओर से गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को बाबा श्याम का पावन दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके अलावा, उन्हें बाबा के निशान और प्रतीक चिह्न भेंट किए गए। इस मौके पर उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। दर्शन के दौरान परवेश वर्मा ने मंदिर की धार्मिक परंपराओं का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया और बाबा की विशेष पूजा में भाग लिया।

आत्मिक शांति का अनुभव

दर्शन के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए परवेश वर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि खाटूश्यामजी के दरबार में आने के बाद उन्हें अद्भुत आत्मिक शांति महसूस हुई है। उन्होंने आगे कहा कि बाबा श्याम की महिमा न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई है। परवेश वर्मा ने यह भी बताया कि दिल्ली के निवासियों पर बाबा श्याम का विशेष आशीर्वाद बना रहता है। उन्होंने कहा, 'बाबा श्याम की महिमा निराली है। दिल्ली के भक्तों पर बाबा का प्यार हमेशा बरसता है, इसलिए दर्शन करने की इच्छा हुई और मैं यहां पहुंच गया।' उन्होंने बाबा के दर्शन को अपने जीवन का एक सुखद अनुभव बताया।

आम और खास श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान ने बताया कि खाटूश्यामजी धाम पर देशभर से कई दिग्गज हस्तियां आती रहती हैं। यहां आने वालों में जनप्रतिनिधि, बड़े खिलाड़ी, प्रसिद्ध अभिनेता और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर कमेटी का मुख्य उद्देश्य हर श्रद्धालु को समान रूप से सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा प्रदान करना है, चाहे वह आम भक्त हो या कोई वीआईपी। इसी नीति के तहत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का भी स्वागत किया गया और उन्हें दर्शन में हर प्रकार की सहायता दी गई।

देश-विदेश में प्रसिद्ध है खाटूश्यामजी की महिमा

खाटूश्यामजी मंदिर की प्रसिद्धि केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे देश और विदेशों में भी देखने को मिलता है। लोग इन्हें 'हारे का सहारा' मानते हैं। ऐसी गहरी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा के दरबार में आता है और अपनी मुराद मांगता है, बाबा उसकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। यही वजह है कि यहां हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। विशेष अवसरों पर तो यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता ही है, लेकिन सामान्य दिनों में भी मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखी जा सकती है।

कौन हैं बाबा श्याम

बाबा श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत के युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में सम्मिलित होने जा रहे थे। तब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण कर उनसे उनका शीश दान में मांग लिया था। बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना शीश भगवान को समर्पित कर दिया। उनके इस बलिदान से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उनकी पूजा 'श्याम' के नाम से होगी और वे उन लोगों का सहारा बनेंगे जो हार चुके हैं। तभी से भक्त उन्हें 'हारे के सहारे' के रूप में पूजते हैं और उनके दरबार में आकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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