रिकॉर्ड की चिंता नहीं करते विराट कोहली, वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के बाद अपनी मानसिकता पर किया बड़ा खुलासा खेल 2 घंटे पहले 7
वेस्टइंडीज के विरुद्ध वनडे मैच में बेहतरीन शतक लगाने के बाद विराट कोहली ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य व्यक्तिगत आंकड़े नहीं बल्कि टीम के लिए लगातार सुधार करना है।

मैदान पर रनों की बारिश और कोहली की सोच

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से बढ़कर टीम की जीत और अपनी भूमिका निभाना है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अपनी धमाकेदार शतकीय पारी के बाद कोहली ने साफ किया कि वह कभी भी माइलस्टोन के पीछे नहीं भागते। उनका पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि मैच की परिस्थितियों को किस प्रकार समझा जाए और टीम की जरूरत के अनुसार अपने खेल को कैसे ढाला जाए।

शानदार प्रदर्शन और उपलब्धियों का सफर

वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले में कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए, जिसकी बदौलत भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। इस पारी के साथ ही कोहली ने वनडे क्रिकेट में अपने 15,000 रन पूरे किए। यह मुकाम हासिल करने वाले वह सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा, इस प्रारूप में उन्होंने अपना 55वां शतक भी पूरा किया। अपनी इन उपलब्धियों पर बात करते हुए कोहली ने कहा कि उन्होंने कभी भी आंकड़ों को अपना लक्ष्य नहीं बनाया। उनके अनुसार, खिलाड़ी जब टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करता है, तो उपलब्धियां अपने आप ही उनके साथ जुड़ती चली जाती हैं।

ईश्वर का आभार और कड़ी मेहनत का मंत्र

इतने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर पर टिके रहने के बारे में बात करते हुए कोहली ने ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इतने लंबे समय तक देश के लिए खेलने का अवसर मिला। कोहली का मानना है कि हर इंसान को हमेशा विनम्र रहना चाहिए और अपनी सफलता का श्रेय ऊपर वाले को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में उन्हें जो कुछ भी मिला है, उसके लिए वह हमेशा ईश्वर के आभारी रहेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बहुत से लोग इस मुकाम तक पहुंचना चाहते हैं, इसलिए अपनी जिंदगी के हर दिन को पूरी ईमानदारी और कड़ी मेहनत के साथ बिताना ही एकमात्र रास्ता है।

खेल को बेहतर बनाने की निरंतर चुनौती

अपने खेल को लेकर कोहली ने बताया कि इस समय उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने स्तर को लगातार ऊंचा उठाना है। उन्होंने कहा कि खेल के इस चरण में खुद को शारीरिक रूप से फिट रखना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिकेट का अधिकांश हिस्सा दिमाग से खेला जाता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह ऐसे खिलाड़ी नहीं रहे हैं जो बहुत ज्यादा अभ्यास करने पर भरोसा करते हों, बल्कि उनका ध्यान अपनी फिटनेस और खेल को समझने पर अधिक रहता है। कोहली ने स्वीकार किया कि इस उम्र में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने खेल के स्तर को ऊपर ले जाना और तेजी से रन बनाने के लिए कुछ गियर आगे बढ़ने की थी। इस दिशा में काम करना उनके लिए काफी रोमांचक अनुभव रहा है।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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