मध्य प्रदेश
2 महीने पहले
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इंसानियत को शर्मसार करती घटना
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से दहेज प्रताड़ना का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। ठाठीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी में रहने वाली एक नवविवाहिता को दहेज के नाम पर इतनी भीषण प्रताड़ना दी गई कि उसने अपनी जान गंवा दी। पीड़िता गर्भवती थी और उसे जबरन तेजाब पिलाया गया था। सात दिनों की सघन जांच पड़ताल और महिला के मरने से पहले के अंतिम बयानों के आधार पर अब पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अस्पताल में हुई मौत और गर्भस्थ शिशु का अंत
मृतका की पहचान निशा राठौर के रूप में हुई है। उन्हें 22 जून को गंभीर स्थिति में जयारोग्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और दो दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस क्रूरता के कारण निशा के गर्भ में पल रहे मासूम शिशु की भी कोख में ही मृत्यु हो गई।
वीडियो ने खोला राज
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर निशा राठौर का एक वीडियो वायरल हो गया। अस्पताल के बेड पर दर्द से कराहती हुई निशा ने अपने पति गजेंद्र राठौर और सास उषा राठौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि उन्हें लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और इसी कड़ी में उन्हें जबरन तेजाब पिलाया गया, जिससे उनकी यह दशा हुई।
पुराना है विवाद का इतिहास
पुलिस की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि निशा और गजेंद्र की शादी लगभग ढाई साल पहले हुई थी। विवाह के बाद से ही घर में कलह शुरू हो गई थी। निशा को शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि ढाई साल पहले भी निशा ने अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय समझौता हो जाने के कारण मामला शांत हो गया था।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
ग्वालियर के एसडीओपी मनीष यादव ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतका के आखिरी बयानों और साक्ष्यों को देखते हुए पुलिस ने पति गजेंद्र राठौर, सास उषा राठौर और ननद मनीषा राठौड़ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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