घर में आने वाला है नन्हा मेहमान? इस योजना से सीधे खाते में पाएं ₹5000, जानें पूरी प्रक्रिया मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए सीधे बैंक खाते में 5,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। जानिए पात्रता, राशि और आवेदन की पूरी जानकारी।

केंद्र सरकार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के बेहतर स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए एक बेहद अहम योजना चला रही है, जिसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम से जाना जाता है। इस योजना का मकसद यह है कि गर्भावस्था के दौरान महिला को संतुलित खान-पान और जरूरी पोषण के लिए आर्थिक सहारा मिल सके। अगर आपके परिवार में जल्द ही किसी नन्हे मेहमान के आने की खुशखबरी है, तो इस सरकारी मदद का फायदा उठाना न भूलें।

कितनी और कैसे मिलती है आर्थिक मदद?

योजना के नियमों के मुताबिक, पहले बच्चे के जन्म पर महिला को कुल 5,000 रुपये की राशि दो किस्तों में दी जाती है। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पहुंचाई जाती है।

इसके साथ ही अगर प्रसव संस्थागत यानी अस्पताल में होता है, तो जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ भी मिलता है। इस तरह कुल सहायता राशि बढ़कर 6,000 रुपये तक पहुंच जाती है।

बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और लिंगानुपात में सुधार लाने के मकसद से सरकार ने एक खास प्रावधान भी रखा है। यदि किसी महिला की दूसरी संतान बेटी होती है, तो जन्म के बाद उसे एकमुश्त 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

कौन ले सकता है लाभ और कौन नहीं?

महिला एवं बाल विकास अधिकारी डी.एस. जादौन के अनुसार, यह योजना गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अहम है और समाज की अधिकांश महिलाएं इसके लिए पात्र हैं। केवल शासकीय सेवा में कार्यरत महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जाता।

सरकारी नौकरी में काम करने वाली महिलाओं को छोड़कर बीपीएल कार्डधारक, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) समेत अन्य पात्र श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलता है।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया

इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को 5,000 रुपये की मदद दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में दी जाती है। पहली किस्त गर्भावस्था का पंजीकरण कराने के बाद जारी होती है, जबकि दूसरी किस्त बच्चे के जन्म और प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद दी जाती है।

योजना का लाभ बीपीएल, एससी, एसटी, दिव्यांग, आयुष्मान कार्डधारक और ई-श्रम कार्डधारक महिलाओं को मिलता है।

आवेदन करने के लिए लाभार्थी को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड के साथ अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क करना होगा। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आवेदन को ऑनलाइन दर्ज करती हैं।

इसके बाद सुपरवाइजर आवेदन का सत्यापन करते हैं और अंत में सीडीपीओ कार्यालय से स्वीकृति मिलने पर सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

अगर आपके परिवार में कोई महिला गर्भवती है, तो समय रहते पंजीकरण कराकर इस योजना का लाभ जरूर उठाएं, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे और सरकार की इस अहम योजना का पूरा फायदा मिल सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!