संजय राउत की नई किताब 'बोध कीर्तन' की चर्चा: पीएम मोदी की तारीफ और विजय माल्या का समर्थन महाराष्ट्र एक घंटा पहले 5
शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत अपनी आगामी पुस्तक 'बोध कीर्तन' को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों की प्रशंसा की है और विजय माल्या को लेकर विवादित टिप्पणी की है।

शिवसेना नेता की नई पेशकश

महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाने वाले शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत इन दिनों अपनी नई किताब 'बोध कीर्तन' के कारण चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इस पुस्तक में उन्होंने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और भाषण कला के कुछ पहलुओं की प्रशंसा की है, बल्कि आर्थिक अपराधी माने जाने वाले विजय माल्या के बचाव में भी तर्क पेश किए हैं। यह किताब राउत के व्यक्तिगत अनुभवों, उनके द्वारा की गई मुलाकातों और उनके द्वारा पढ़े गए लेखों का एक संग्रह मानी जा रही है।

ठाकरे भाइयों की मौजूदगी में होगा विमोचन

संजय राउत की इस बहुचर्चित किताब का विमोचन शनिवार को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ठाकरे परिवार के दोनों बड़े चेहरे यानी उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मौजूद रहेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस साझा उपस्थिति को लेकर भी काफी कौतूहल बना हुआ है।

विजय माल्या के बचाव में क्या कहा

किताब के अंशों के अनुसार, संजय राउत ने दावा किया है कि वे विजय माल्या को व्यक्तिगत रूप से जानते थे। राउत के शब्दों में, संसद और उसके सेंट्रल हॉल में उनकी माल्या से अक्सर मुलाकात होती थी और वे उनके साथ बैठते थे। राउत का मानना है कि माल्या एक बेहद मिलनसार, हंसमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने माल्या की विलासितापूर्ण जीवनशैली का बचाव करते हुए कहा कि वह संभवतः उनके व्यावसायिक साम्राज्य की एक आवश्यकता थी।

राउत ने यहाँ तक कह दिया कि विजय माल्या कभी भी फ्रॉड नहीं थे। उनके अनुसार, माल्या संसद के कई अन्य सदस्यों की तुलना में अधिक देशप्रेमी, दरियादिल और साफ दिल के इंसान थे। संजय राउत का तर्क है कि जब माल्या का व्यापार संकट में था और बैंकों का कर्ज बकाया था, तब उन्हें मदद की आवश्यकता थी। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने कई बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं, जबकि माल्या को केवल थोड़ी राहत की दरकार थी। राउत के अनुसार, परिस्थितियों ने उन्हें इस कदर मजबूर किया कि उन्हें देश छोड़ना पड़ा और इसी कारण उन्हें 'भगोड़ा' घोषित कर दिया गया, जबकि वास्तव में उन्हें ऐसा करने के लिए विवश किया गया था।

पीएम मोदी के गैर-राजनीतिक भाषणों पर राय

किताब के एक अध्याय जिसका शीर्षक 'दीपस्तंभ' है, उसमें संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों का विश्लेषण किया है। राउत ने लिखा है कि यद्यपि मोदी के राजनीतिक भाषण हमेशा बहुत गहरे या रोचक नहीं होते, लेकिन उनके गैर-राजनीतिक भाषणों का स्तर काफी ऊंचा होता है। उन्होंने विशेष रूप से अयोध्या दीपोत्सव के दौरान भगवान राम को लेकर दिए गए पीएम मोदी के संबोधन की तारीफ की है। राउत ने इस भाषण को शब्दों का एक भावुक दीपोत्सव करार दिया है। उन्होंने अपनी किताब में उल्लेख किया है कि भगवान राम के आदर्श हर भारतीय के लिए मार्गदर्शक रोशनी या 'दीपस्तंभ' की भूमिका निभाएंगे।

गौरतलब है कि संजय राउत शिवसेना उद्धव गुट के एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें ठाकरे परिवार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है। उनकी इस किताब में व्यक्त किए गए विचार न केवल उनके निजी चिंतन को दर्शाते हैं, बल्कि आगामी समय में राजनीतिक चर्चाओं को भी नई दिशा देने का काम करेंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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