कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर बड़ा हादसा, मूसलाधार बारिश के चलते हवा में लटका रेलवे ब्रिज हिमाचल प्रदेश 2 घंटे पहले 4
हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश ने विश्व धरोहर कालका-शिमला टॉय ट्रेन रूट को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया और 10 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। राज्य में अब तक मानसून के कारण 1,184 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर संकट

हिमाचल प्रदेश में जारी मानसून की मार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कालका-शिमला टॉय ट्रेन रूट को अपनी चपेट में ले लिया है। सोलन जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कोटि और गुम्मन स्टेशनों के बीच स्थित ब्रिज नंबर 57 के नीचे की पूरी मिट्टी बह गई है, जिसके चलते पटरियां जमीन छोड़कर हवा में झूलती हुई दिखाई दे रही हैं। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस ट्रैक पर शनिवार रात से ही ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया था।

10 ट्रेनों का संचालन रद्द

इस प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रियों, विशेषकर वीकेंड पर घूमने आए पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संजय गेवर ने पुष्टि की है कि रविवार को कालका और शिमला के बीच चलने वाली कुल 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब तक तकनीकी टीम ट्रैक की मरम्मत पूरा नहीं कर लेती और सुरक्षा की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक रेल सेवा बहाल करना संभव नहीं है। 96 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक मार्ग में 102 सुरंगें और लगभग 800 पुल बने हुए हैं, जो इस मानसून में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बार-बार बाधित हो रहे हैं।

सड़कों और जनजीवन पर प्रभाव

केवल रेल मार्ग ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह तक प्रदेश की कुल 64 सड़कें भारी भूस्खलन और मलबे के कारण यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। इन बंद सड़कों का ब्यौरा इस प्रकार है:

  • मंडी जिला: 24 सड़कें बंद
  • कुल्लू जिला: 16 सड़कें बंद
  • कांगड़ा और सिरमौर: 7-7 सड़कें बंद
  • ऊना जिला: 4 सड़कें बंद
  • शिमला जिला: 3 सड़कें बंद
  • चंबा: 2 सड़कें बंद
  • लाहुल-स्पीति: 1 सड़क बंद

इसके अतिरिक्त, बारिश के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें 225 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 9 जलापूर्ति योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

भारी बारिश का अलर्ट और कुल नुकसान

मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है। विभाग के अनुसार, 31 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान धौलाकुआं में 38.5 मिमी, घघास में 30 मिमी और पालमपुर में 23.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 30 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 103 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य को मानसून के इस सीजन में अब तक कुल 1,184 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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