पंजाब के फिरोजपुर में कांग्रेस पार्षद की सरेआम हत्‍या, कार सवार हमलावरों ने पीछा कर बरसाईं गोलियां पंजाब 2 घंटे पहले 6
पंजाब के फिरोजपुर में कांग्रेस के नगर पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्‍या कर दी है, पुलिस ने आरोपियों की पहचान का दावा किया है।

पंजाब में हिंसा का तांडव

पंजाब में हिंसक वारदातों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में आगामी महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इस कड़ी में एक ताजा और बेहद सनसनीखेज मामला फिरोजपुर जिले के ममडोट कस्बे से सामने आया है, जहां कांग्रेस के एक नगर पार्षद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है।

क्या है पूरी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के नगर पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी शनिवार 29 अगस्‍त 2026 को अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान कुछ हथियारबंद हमलावरों ने एक कार से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। ममडोट में हमलावरों ने पहले बाइक का पीछा किया और फिर रास्ते में अचानक उन पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी। इस बेरहम हमले में गुरप्रीत सिंह गोपी की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने उनके पीछे आ रही एक अन्य कार पर भी फायरिंग की, जिसमें गोपी के कुछ दोस्त सवार थे। इस घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस प्रशासन सकते में है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

पुराना विवाद और चुनाव की रंजिश

फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह सिद्धू ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह दोनों पक्षों के बीच चल रहा कोई पुराना विवाद प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस हमले के पीछे चुनावी रंजिश की संभावनाओं को भी गहराई से खंगाल रही है। मृतक पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी के साथ उस वक्त हरप्रीत नाम का व्यक्ति मौजूद था। हमलावरों की आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पार्षद को अपना निशाना बनाने के बाद उनके साथियों पर भी गोलियां चलाईं।

पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी

एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने दावा किया है कि पुलिस ने हमलावरों की पहचान सुनिश्चित कर ली है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किसी प्रमुख विपक्षी दल के नेता की इस तरह सरेआम हत्या किए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह घटना दर्शाती है कि चुनाव से पहले राज्य में कानून व्यवस्था किस तरह चरमराई हुई है। हालांकि प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन स्थानीय नागरिकों में इस घटना के बाद से काफी गुस्सा और डर का माहौल है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की अन्य कड़ियों को भी जोड़ा जा सके।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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