विक्रमादित्य सिंह का सख्त रुख: चौपाल दौरे से नदारद रहे 3 अधिकारियों को थमाया नोटिस हिमाचल प्रदेश एक महीने पहले 50
हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के चौपाल दौरे के दौरान ड्यूटी से गायब रहना तीन वरिष्ठ अभियंताओं को महंगा पड़ा, जिसके बाद प्रशासन ने उनसे जवाब तलब किया है।

अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का कड़ा एक्शन

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह का एक नया अंदाज देखने को मिला है। हाल ही में उनके चौपाल तहसील के आधिकारिक दौरे के दौरान विभाग के तीन वरिष्ठ अभियंताओं की अनुपस्थिति ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। मंत्री ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।

नोटिस की जद में आए ये अधिकारी

बुधवार को प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शिमला संभाग के मुख्य अभियंता का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे अधीक्षण अभियंता (सिविल) विजय चौधरी, एचपीपीडब्ल्यूडी के चौथे सर्किल का प्रभार देख रहे अधीक्षण अभियंता (सिविल) दीपक राज चौहान और अधिशासी अभियंता (सिविल) का अतिरिक्त जिम्मा संभाल रहे सहायक अभियंता (सिविल) नितिन ठाकुर शामिल हैं। इन तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की ओर से समान नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 17 जुलाई को मंत्री का दौरा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद 19 जुलाई को जब विक्रमादित्य सिंह चौपाल तहसील के दौरे पर पहुंचे, तो ये अधिकारी मौके पर नदारद मिले। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि विभिन्न विभागीय योजनाओं के उद्देश्यों को समझाने और क्षेत्र की कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए मंत्री को अधिकारियों की मौजूदगी की सख्त आवश्यकता थी। प्रशासन ने इन अधिकारियों को नोटिस का जवाब देने के लिए केवल तीन दिन का समय दिया है। विभाग ने यह भी सवाल किया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बावजूद वे मंत्री की सहायता के लिए वहां क्यों उपलब्ध नहीं थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मंत्री का गुस्सा

इस पूरी घटना से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी चर्चित हुआ था। इस वीडियो में मंत्री विक्रमादित्य सिंह को फोन पर संबंधित अधिकारियों से उनकी गैरमौजूदगी का कारण पूछते हुए सुना जा सकता है। बातचीत के दौरान जब एक अधिकारी ने यह सफाई देने की कोशिश की कि उसने किसी और की ड्यूटी लगाई थी, तो मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी उन्हें हल्के में ले रहे हैं और यह बर्ताव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने फोन पर ही इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी थी। यह प्रकरण अब राज्य भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक गलियारों में अधिकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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