शिमला में पर्यटकों का सैलाब: रोजाना 30 हजार से ज्यादा वाहनों की एंट्री, 90 फीसदी होटल फुल, 300 जवान तैनात हिमाचल प्रदेश एक महीने पहले 21
मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी और समर फेस्टिवल के चलते शिमला पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है, जहां रोज 30 हजार से ज्यादा वाहन पहुंच रहे हैं और शहर के 90 फीसदी होटल बुक हो चुके हैं।

देश के मैदानी हिस्सों में पड़ रही प्रचंड गर्मी और शिमला में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय समर फेस्टिवल का असर इस बार पहाड़ों की रानी पर साफ नजर आ रहा है। गर्मी से राहत और महोत्सव के रंग में सराबोर होने के लिए सैलानी बड़ी तादाद में शिमला का रुख कर रहे हैं। हालत यह है कि राजधानी की सड़कें वाहनों के भारी दबाव से जूझ रही हैं और प्रमुख इलाकों में दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

हर दिन 30 हजार से ज्यादा वाहन

शिमला पुलिस के आंकड़ों की मानें तो रोजाना 30 हजार से अधिक वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं। 1 जून से 10 जून के बीच साढ़े 3 लाख से ज्यादा वाहन शहर में दाखिल हो चुके हैं, जबकि मई महीने में भी 7 लाख से अधिक वाहन शिमला पहुंचे थे। पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

ये इलाके बने चोक प्वाइंट

शहर के भीतर कई जगहों पर वाहन रेंगते हुए दिख रहे हैं। एमएलए क्रॉसिंग से लेकर विधानसभा क्षेत्र, विक्ट्री टनल, लक्कड़ बाजार, संजौली, खलीनी चौक और लिफ्ट इलाका सबसे बड़े चोक प्वाइंट बनकर उभरे हैं, जहां पूरे दिन वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।

ट्रैफिक संभालने के लिए अतिरिक्त बल

शिमला के एडिशनल एसपी अभिषेक ने बताया कि समर फेस्टिवल के दौरान बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा इंतजाम किए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि महोत्सव की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए करीब 300 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, साथ ही ट्रैफिक संचालन के लिए भी अतिरिक्त बल लगाया गया है ताकि लोगों को कम से कम दिक्कत हो।

उन्होंने यह भी बताया कि शिमला पुलिस सोशल मीडिया के जरिए लगातार ट्रैफिक से जुड़े अपडेट और जरूरी सूचनाएं साझा कर रही है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को सहूलियत मिल सके।

ऊपरी शिमला जाने वालों के लिए सलाह

पुलिस ने पर्यटकों को सलाह दी है कि जो लोग सोलन और चंडीगढ़ की ओर से शिमला आ रहे हैं और उन्हें कुफरी, नालदेहरा, मशोबरा, नारकंडा या रामपुर की तरफ जाना है, वे शहर के भीतर घुसने के बजाय शोघी–मैहली बाईपास मार्ग का इस्तेमाल करें, ताकि मुख्य शहर में ट्रैफिक का दबाव घट सके।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भीड़भाड़ के बीच नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। गलत तरीके से ओवरटेक करने, लाइन तोड़ने या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

होटल कारोबार में आई बहार

एक तरफ जहां ट्रैफिक व्यवस्था चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। होटल कारोबारियों का कहना है कि लंबे अरसे बाद गर्मियों के सीजन में इतनी जोरदार पर्यटन गतिविधि देखने को मिल रही है।

बारिश में झूमते रहे लोग

समर फेस्टिवल, सुहावना मौसम और मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी ने इस बार शिमला को पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है। हालांकि बढ़ती पर्यटन रफ्तार के साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं और ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि बीती रात बारिश के बीच रिज मैदान पर पंजाबी गायक गुरनाम भुल्लर का शो हुआ, जिसमें बारिश के बावजूद लोगों की भीड़ झूमती रही।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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