सुक्खू सरकार पर राजेंद्र राणा का तीखा प्रहार, बोले- राज्य में सरकार नहीं बल्कि 'सिंडिकेट' चल रहा है हिमाचल प्रदेश 8 घंटे पहले 1
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह विफल है और अगले चुनाव में कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी। राणा ने राज्य पर बढ़ते कर्ज और फिजूलखर्ची को लेकर भी सरकार को घेरा है।

मुख्यमंत्री सुक्खू पर राजेंद्र राणा का हमला

हिमाचल प्रदेश की सियासत में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जोरदार हमला बोला है। राणा ने दावा किया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में कोई चुनी हुई सरकार नहीं चल रही है, बल्कि एक सिंडिकेट का संचालन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिंडिकेट सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल केवल अपने चहेते लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कर रहा है। राणा के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हालत इतनी खराब होगी कि वह राज्य की कुल सीटों में से 4 सीटें भी जीतने में सफल नहीं हो पाएगी।

मुख्यमंत्री के 'खिताब' और कार्यशैली पर सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उनके नाम के साथ पांच नकारात्मक खिताब जुड़ गए हैं। राणा ने दावा किया कि सुक्खू उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जा रहे हैं, उनके कार्यकाल में प्रदेश पर अब तक का सबसे अधिक कर्ज लिया गया है और जनता से सबसे ज्यादा चुनावी वादे किए गए जो पूरे नहीं हुए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर मुकदमे दर्ज करने का काम किया है और यह पूरी तरह से मित्रों की सरकार बनकर रह गई है।

कर्ज का बढ़ता बोझ और वित्तीय स्थिति

प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक सेहत पर चिंता जताते हुए राजेंद्र राणा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश बनने के बाद वर्ष 1971 से लेकर 2022 तक की सभी सरकारों ने मिलकर कुल 68 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, मौजूदा कांग्रेस सरकार ने पिछले चार वर्षों में ही करीब 44,600 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नया कर्ज ले लिया है। राणा ने कहा कि सरकार हर साल लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति लगातार रसातल में जा रही है।

नियुक्तियों और संसाधनों पर निशाना

भाजपा नेता ने सरकार द्वारा ओएसडी, मीडिया सलाहकारों और विभिन्न समन्वयकों की भारी संख्या में की गई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों के कारण राज्य के खजाने पर अनावश्यक अतिरिक्त बोझ पड़ा है। राणा ने केंद्र सरकार द्वारा सड़क निर्माण और आपदा राहत के लिए दी गई बड़ी आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद धरातल पर विकास कार्य क्यों नहीं दिख रहे हैं और यह पैसा कहां खर्च किया गया।

चुनावी वादे और जन असंतोष

राजेंद्र राणा ने पुरानी पेंशन योजना यानी OPS, महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने के अधूरे वादे और हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम यानी HRTC की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब मुनाफा देने वाली सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि हालिया पंचायत चुनावों के नतीजों में जनता ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि वह इस सरकार से नाखुश है।

उल्लेखनीय है कि राजेंद्र राणा वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर सुजानपुर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उस समय वे कांग्रेस का हिस्सा थे, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ मतभेदों के चलते उन्होंने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब वे भाजपा के मंच से सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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