हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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सेब की फसल पर मौसम की मार
हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए इस बार का साल काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। राज्य में सेब उत्पादन में भारी कमी देखने को मिली है, जिससे करीब 2.50 लाख बागवान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस साल सेब की पैदावार 50 फीसदी से भी कम दर्ज की गई है। उत्पादन में आई इस गिरावट का असर सीधे तौर पर बाजार में दिखाई दे रहा है, जहां इस सीजन में करीब 70 लाख पेटियां कम पहुंची हैं।
अर्थव्यवस्था पर कितना असर
हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में सेब का एक बड़ा योगदान है। इस बार सेब की फसल को हुए नुकसान का कुल आंकड़ा 5500 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो बीते साल राज्य में रिकॉर्ड साढ़े 3 करोड़ से अधिक सेब की पेटियों का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस बार के आंकड़े बागवानों की चिंता बढ़ाने वाले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हर तीसरे साल उत्पादन का स्तर 50 फीसदी से नीचे गिर रहा है, जो चिंता का विषय है।
उत्पादन घटने के प्रमुख कारण
सेब की फसल पर इस बार मौसम के कई बदलते मिजाज भारी पड़े हैं। इसके प्रमुख कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- सर्दियों में बहुत कम बर्फबारी होना।
- तापमान में लगातार हो रही वृद्धि।
- बेमौसम बारिश का होना।
- फसल के दौरान ओलावृष्टि की मार।
इन सभी मौसमी कारकों ने सेब के पूरे चक्र को बुरी तरह बिगाड़ दिया है, जिसके कारण पैदावार में इस स्तर की गिरावट आई है।
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