फिरोजाबाद का बालाजी धाम: मेहंदीपुर बालाजी जैसी महिमा, यहां दूर होती हैं नकारात्मक शक्तियां धर्म 2 घंटे पहले 6
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में स्थित बालाजी धाम में दूर-दूर से भक्त अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं। मंदिर की अलौकिक मान्यता और इसकी स्थापना से जुड़ी कहानी इसे बेहद खास बनाती है।

फिरोजाबाद में आस्था का केंद्र

फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में स्थित बालाजी धाम भक्तों के बीच गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर की ख्याति केवल स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के राज्यों के लोग भी यहां भारी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर यह मान्यता प्रचलित है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी प्रकार की ऊपरी बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त हो जाती हैं।

मंदिर की स्थापना और इतिहास

इस पवित्र स्थल की स्थापना के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। बताया जाता है कि वर्ष 1987 में एक सेठ को सपने में स्वयं भगवान शिव के दर्शन हुए थे। इस दिव्य संकेत के बाद ही यहां हनुमान जी के मंदिर की स्थापना की गई। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां राजस्थान के प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी धाम से लाई गई अखंड ज्योति प्रज्वलित रहती है, जो इस स्थान को और भी अधिक प्रभावशाली बनाती है।

भक्तों का जमावड़ा और विशेष अनुष्ठान

मंदिर परिसर के भीतर ही भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के मंदिर भी स्थापित हैं। यही कारण है कि विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। लोग अपनी मन्नतें लेकर और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाने की कामना के साथ यहां आते हैं। मंदिर में दर्शन करने वालों का विश्वास है कि बालाजी महाराज की कृपा से उनके दुखों का निवारण होता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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