सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी उछाल: सोना ₹1700 और चांदी ₹4800 तक हुई महंगी व्यापार एक महीने पहले 29
सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और रुपये की गिरती कीमतों ने धातुओं को महंगा बना दिया है।

सोने के भाव में बड़ा उछाल

सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के खरीदारों को झटका लगा है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना आज 1,700 रुपये की बढ़त के साथ 1,52,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को सोना 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद सोने की कीमतों में यह राहत भरी तेजी देखी गई है।

चांदी हुई 4,800 रुपये महंगी

सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी बढ़ गई है। आज चांदी में 4,800 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को चांदी में 8,040 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद यह 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। कारोबारियों का मानना है कि विदेशी बाजारों में मांग बढ़ने और रुपये में कमजोरी के चलते कीमती धातुओं की कीमतों को बल मिला है।

तेजी के पीछे की वजहें

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, भू-राजनीतिक स्थितियों में बदलाव और अमेरिका में ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावनाओं के बीच निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आज सोना 49.93 डॉलर यानी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 4,210.19 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, चांदी में भी 2.4 प्रतिशत का उछाल आया है और यह 66.47 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।

अमेरिका-ईरान संबंधों का असर

मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद एक रूपरेखा पर सहमति बनी है। आने वाले 60 दिन के युद्धविराम के दौरान परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तकनीकी चर्चा जारी रहेगी, जिसका असर वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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