जियो की धमाकेदार लिस्टिंग: रिलायंस समूह की 12वीं कंपनी बनी शेयर बाजार का हिस्सा, जानिए बाकी 11 कंपनियों का नाम व्यापार एक घंटा पहले 4
जियो प्लेटफॉर्म के शेयर बाजार में लिस्ट होने के साथ ही रिलायंस समूह की 12वीं कंपनी स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा बन गई है, जिससे एनएसई का कुल मार्केट कैप बढ़कर 455 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।

शेयर बाजार में जियो की नई पारी

जियो प्लेटफॉर्म आखिरकार भारतीय शेयर बाजार का हिस्सा बन चुका है। इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग के साथ ही रिलायंस समूह ने स्टॉक मार्केट में अपनी एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की है कि जियो प्लेटफॉर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की 12वीं ऐसी कंपनी है, जिसने शेयर बाजार में कदम रखा है। 28 अक्टूबर को हुई इस लिस्टिंग ने निवेशकों के बीच काफी उत्साह का माहौल पैदा किया है।

एनएसई का गौरव और जियो का स्वागत

आशीष कुमार चौहान ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म का एनएसई पर स्वागत करना एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने जानकारी दी कि जियो प्लेटफॉर्म एनएसई पर सूचीबद्ध होने वाली 3,138वीं कंपनी बन गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बीच एक लंबा और भरोसेमंद संबंध रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी स्थापना के शुरुआती दिनों से ही बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी-50 का एक अभिन्न हिस्सा रही है। जियो के आईपीओ को बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह 12.45 गुना सब्सक्राइब होकर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

बाजार पूंजीकरण में ऐतिहासिक उछाल

जियो प्लेटफॉर्म की बाजार में एंट्री ने एनएसई के कुल मार्केट कैप को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, एनएसई का कुल मार्केट कैप बढ़कर 455 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 4.79 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। आशीष चौहान ने बताया कि वर्ष 1994 में जब एनएसई की शुरुआत हुई थी, तब से लेकर आज तक यहाँ सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैप में 127 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। जियो के आईपीओ के दौरान करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं। शुरुआत में इसके मार्केट कैप का अनुमान 10.3 लाख करोड़ रुपये लगाया गया था, लेकिन शानदार लिस्टिंग के बाद इसका मार्केट कैप बढ़कर 12.45 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

देश के हर कोने तक एनएसई की पहुंच

एनएसई के विस्तार पर बात करते हुए आशीष चौहान ने बताया कि आज यह मंच 13.6 करोड़ निवेशकों को सीधे जोड़ चुका है, जिनके पास कुल 77.4 करोड़ सक्रिय खाते मौजूद हैं। डिजिटल क्रांति और तकनीकी प्रगति का ही परिणाम है कि एनएसई देश के 99.85 फीसदी पिन कोड तक अपनी पहुंच बना चुका है। इसका सीधा अर्थ है कि भारत के सुदूर इलाकों में रहने वाले लोग भी अब शेयर बाजार से जुड़ रहे हैं। साल 2025 में एनएसई और एसएमई प्लेटफॉर्म के जरिए 222 कंपनियों ने कुल 1.78 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई थी। चालू वित्त वर्ष की बात करें तो अभी तक 90 से अधिक कंपनियों ने बाजार से 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने में सफलता प्राप्त की है।

रिलायंस समूह की लिस्टेड कंपनियां

रिलायंस समूह का साम्राज्य लगातार विस्तृत हो रहा है। जियो के अलावा, समूह की अन्य 11 कंपनियां जो शेयर बाजार में पहले से ही लिस्टेड हैं, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, नेटवर्क 18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रियल इंन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, डेन नेटवर्क लिमिटेड, हैथवे केबल एंड डाटाकॉम लिमिटेड, जस्ट डायल लिमिटेड और जीटीपीएल हैथवे लिमिटेड प्रमुख हैं। इन कंपनियों में से अधिकांश को रिलायंस समूह ने समय-समय पर अधिग्रहण के माध्यम से अपने व्यापारिक ढांचे में शामिल किया है, जिससे समूह की बाजार में पैठ और भी मजबूत हुई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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