चक्रवात अर्नब का बड़ा खतरा: 135 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 64 ट्रेनें रद्द और कई राज्यों में रेड अलर्ट भारत एक घंटा पहले 4
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते भारी बारिश और तबाही की आशंका के बीच बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू किए गए हैं।

चक्रवात अर्नब का कहर: तट की ओर बढ़ा खतरा

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब ने पूरे तटीय इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात बेहद गंभीर रूप धारण कर चुका है और तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि 28 अक्टूबर की सुबह करीब 2 से 4 बजे के बीच यह तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच स्थित तटीय क्षेत्रों और केंद्र शासित प्रदेश यानम को पार करेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि इसके झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति को भी छू सकते हैं, जो भारी तबाही का संकेत हैं।

समुद्र की स्थिति और चक्रवात का सटीक स्थान

मौसम विभाग ने बताया है कि 27 अक्टूबर की सुबह 11:30 बजे तक यह चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 16.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.7 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास केंद्रित था। अपनी दिशा बदलते हुए, चक्रवात पहले उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और फिर बेहद गंभीर श्रेणी में परिवर्तित हो गया। समुद्र में हालात बेहद विकराल हैं और 14 मीटर तक ऊंची लहरें उठ रही हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने समुद्र के किनारों को खाली कराना शुरू कर दिया है और जहाजों व नावों को तट के करीब न लाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी

IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने स्पष्ट किया है कि 28 अक्टूबर का दिन इन क्षेत्रों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण होगा। ओडिशा में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जिसमें कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सिर्फ ओडिशा और आंध्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात के प्रभाव से 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

फसल और बुनियादी ढांचे को नुकसान का अंदेशा

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने संभावित नुकसानों के बारे में आगाह करते हुए कहा कि चक्रवात के साथ चलने वाली तेज हवाएं बिजली के खंभों और संचार सेवाओं को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती हैं। किसानों के लिए यह समय बेहद कठिन है क्योंकि धान की खड़ी फसल और बागवानी फसलों को व्यापक स्तर पर नुकसान होने की आशंका है। समुद्र में उठ रही 14 मीटर ऊंची लहरें तटीय बस्तियों के लिए खतरा बनी हुई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक तूफान का असर पूरी तरह खत्म न हो जाए, कोई भी मछली पकड़ने की गतिविधि या समुद्र में आवाजाही न की जाए।

युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने रायगड़ा में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया गया। NDRF, ODRAF और अग्निशमन विभाग के अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं। NDRF के उपमहानिरीक्षक मोहसेन शहीदी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और कैबिनेट सचिव स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है ताकि जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके। कुल मिलाकर 5 राज्यों और यानम में NDRF की 31 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश में 12, ओडिशा में 9, छत्तीसगढ़ में 4, तेलंगाना में 3 और यानम में 2 टीमें शामिल हैं। इसके साथ ही, ओडीआरएएफ की 60 टीमें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 11 टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए मुस्तैद हैं।

समुद्री सुरक्षा और बंदरगाहों पर रेड अलर्ट

चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक पीएलएन मूर्ति ने स्पष्ट किया कि 27 अक्टूबर तड़के से ही यह चक्रवात 'बेहद गंभीर' श्रेणी में आ चुका है। मछुआरों को 30 अक्टूबर की सुबह तक किसी भी हाल में समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। बंदरगाहों पर खतरे के संकेत बदल दिए गए हैं। काकीनाडा बंदरगाह पर GD-10 का संकेत लगाया गया है जो सबसे गंभीर खतरे का प्रतीक है। इसके अलावा विशाखापत्तनम और गंगावरम में GD-9, तथा मछलीपट्टनम और निजामपट्टनम में GD-8 के संकेत जारी किए गए हैं।

यातायात पर चक्रवात का बड़ा असर

तूफान के खतरे को देखते हुए परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। गन्नवरम हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली कई सेवाएं रद्द कर दी गई हैं, जिनमें इंडिगो की कडप्पा (6E 7711/7712), हैदराबाद (6E 2780/2581), चेन्नई (6E 7305/7302) और बेंगलुरु (6E 7247/7246) की उड़ानें प्रमुख हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की विशाखापत्तनम जाने वाली IX 2413/2414 सेवा भी रोक दी गई है। वहीं, रेलवे ने एहतियात बरतते हुए 53 लोकल और 11 लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी हैं। दक्षिण मध्य रेलवे के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक पीई एडविन ने बताया कि पटरियों की विशेष निगरानी की जा रही है और आपातकालीन संचार व्यवस्था तैनात की गई है।

तेलंगाना और अन्य राज्यों पर असर

तूफान का असर केवल तट तक ही सीमित नहीं रहेगा। तेलंगाना के मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, महबूबाबाद और खम्मम जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही जयशंकर भूपालपल्ली, वारंगल, हनमकोंडा और सूर्यापेट में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है। उत्तर भारत की बात करें तो, चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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