शामली: दवा कारोबारी के इकलौते बेटे को जिम में प्रेमजाल में फंसाकर बदलवाया धर्म, पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, 3 मौलवियों समेत 10 पर FIR उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 22
शामली में एक हिंदू दवा व्यापारी के 27 वर्षीय इकलौते बेटे को जिम ट्रेनर ने प्रेमजाल में फंसाकर धर्म बदलवा दिया और पाकिस्तानी कट्टरपंथी वक्ता के वीडियो दिखाकर ब्रेनवॉश किया गया. पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके पिता को जेल भेजा है, जबकि 3 मौलवियों समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में धर्मांतरण का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है. यहां एक नामी दवा व्यापारी के इकलौते और उच्च शिक्षित बेटे आयुष मलिक को एक सुनियोजित साजिश के तहत प्रेमजाल में फंसाकर 'मोहम्मद अली' बना दिया गया. आरोप है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे न केवल करोड़ों की संपत्ति हड़पने की मंशा थी, बल्कि इसके तार पाकिस्तान के कट्टरपंथी यूट्यूब नेटवर्क और दिल्ली-मुंबई के मौलानाओं तक भी जुड़े बताए जा रहे हैं.

पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने तेजी से कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी महिला जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस प्रकरण में 3 मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है, वहीं पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एसपी शामली ने एक SIT गठित कर दी है.

जिम से शुरू हुई 'प्रेम और धर्मांतरण' की कहानी

यह पूरा मामला शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर और काजीवाड़ा मोहल्ले से जुड़ा है. दयानंद नगर के निवासी देवराज मलिक शामली जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और उनका बड़ा दवा कारोबार है. उन्होंने शनिवार देर शाम कोतवाली में तहरीर देकर इस बड़ी साजिश का खुलासा किया. उनका 27 साल का इकलौता बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा करने के बाद अपना मेडिकल स्टोर चलाता था.

पुलिस जांच के अनुसार, इस कहानी की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई थी. आयुष ने अपनी फिटनेस के लिए 'कुरैशी प्लस' नाम की एक जिम में जाना शुरू किया था. इसी जिम में कुरैशी बस्ती की रहने वाली 25 वर्षीय चांदनी कुरैशी ट्रेनर के तौर पर काम करती थी. आरोप है कि चांदनी ने सुनियोजित ढंग से आयुष को अपने प्रेमजाल में फंसाया और फिर धीरे-धीरे उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया.

दाढ़ी बढ़वाई, टोपी पहनाई, ऐसे खुला राज

पीड़ित पिता देवराज मलिक का आरोप है कि करीब 4 साल पहले चांदनी और उसके परिवार ने चोरी-छिपे आयुष से निकाहनामा पढ़वा लिया था. इसके बाद आयुष का नाम बदलकर 'उस्मान अंसारी' उर्फ 'रहमान' रख दिया गया. बीते 6 महीनों से आयुष का रहन-सहन और पहनावा बदलने लगा था. उसने दाढ़ी बढ़ा ली थी और सिर पर टोपी तथा कुर्ता-पायजामा पहनकर मेडिकल स्टोर पर बैठने लगा था.

इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर आयुष की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह मस्जिद के भीतर नमाज अदा करता दिखाई दे रहा है. जब यह बात हिंदू संगठनों के संज्ञान में आई, तो उन्होंने कड़ा विरोध जताया और जिम ट्रेनर के घर के बाहर धरने की चेतावनी तक दे डाली.

विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी

देवराज मलिक का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल उनके बेटे का धर्म परिवर्तन कराया, बल्कि परिवार के बाकी सदस्यों पर भी इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया. जब इसका विरोध किया गया, तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई. पिता का कहना है कि आरोपी पिछले करीब पांच वर्षों से उनके बेटे की सारी कमाई हड़प रहे थे.

देवराज मलिक ने इस मामले में कुछ बाहरी और संदिग्ध लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

जांच में सामने आया खतरनाक 'पाकिस्तानी कनेक्शन'

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पुलिस की पूछताछ और जांच में हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आयुष का माइंड डाइवर्ट यानी ब्रेनवॉश करने के लिए एक डिजिटल साजिश रची गई थी. आरोपियों ने आयुष के मोबाइल और यूट्यूब पर पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामिक वक्ता डॉ. इसरार अहमद का चैनल लॉगिन कराया था. आयुष को लगातार डॉ. इसरार अहमद की तकरीरें और विवादित भाषण सुनाए जाते थे, जिससे उसे पूरी तरह ब्रेनवॉश कर दिया गया.

हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह महज एक प्रेम प्रसंग का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो युवाओं को निशाना बना रहा है.

फर्जी निकाहनामे के दम पर बनाया जा रहा था दबाव

शामली के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पीड़ित पिता देवराज मलिक ने शनिवार देर शाम सदर कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई. उनका आरोप है कि आरोपी चांदनी, उसके परिवार के 6 सदस्यों और 3 मौलवियों ने मिलकर उनके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराया. साथ ही आरोपी पिछले 5 सालों से उनके बेटे से मोटी रकम भी ऐंठ रहे थे.

पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अब फर्जी निकाहनामे के दम पर उनके पूरे परिवार पर इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहे थे. जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई. देवराज मलिक ने स्पष्ट किया कि वह और उनकी पत्नी पूरी तरह हिंदू हैं और सुबह-शाम हनुमान मंदिर में पूजा करते हैं, उनके बेटे को डरा-धमकाकर यह सब कराया गया.

पुलिस कप्तान का बयान- जारी है गहन तफ्तीश

इस पूरे मामले पर शामली के पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर धर्मांतरण, अवैध वसूली और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

एसपी ने बताया कि इस साजिश में आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास के मौलवी मुनव्वर और दो अन्य अज्ञात मौलवियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. आरोपी लड़की का एक भाई और बहन फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं.

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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