शहडोल: बाणसागर बांध के 6 गेट खुलने से सुखाड़ नदी में मचा हाहाकार, टापू पर फंसे 6 लोग मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण सुखाड़ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे मछली पकड़ने गए 6 ग्रामीण बीच नदी में बने टापू पर फंस गए हैं और बचाव कार्य जारी है।

बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने से बढ़ा संकट

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। बांध के कुल 6 गेटों को एक साथ खोले जाने की वजह से सुखाड़ नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। पानी के इस अचानक आए बहाव ने देवलौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में हलचल मचा दी है। इस दौरान नदी के बीचोबीच बने एक टापू पर मछली पकड़ने गए 6 ग्रामीण फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार, इन लोगों को वहां फंसे हुए करीब 3 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है और वे लगातार खुद को सुरक्षित निकालने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं।

घटना की पृष्ठभूमि और ग्रामीणों की स्थिति

बताया जा रहा है कि बाणसागर बांध में जलभराव का स्तर काफी अधिक बढ़ गया था, जिसके चलते प्रबंधन को बांध के 6 गेट खोलने पड़े। जैसे ही ये गेट खोले गए, नदी में पानी का वेग प्रचंड हो गया। सुखाड़ नदी के निचले इलाकों में स्थित टापू पर मछली पकड़ने गए ये 6 ग्रामीण पानी की इस रफ्तार को भांप नहीं सके। देखते ही देखते चारों तरफ पानी का सैलाब उमड़ पड़ा और उनके वापस लौटने के सारे रास्ते बंद हो गए। वर्तमान में ये सभी लोग नदी के बीच बने टापू पर पूरी तरह घिर चुके हैं और पानी का बढ़ता स्तर उनके जीवन के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।

प्रशासन की सक्रियता और रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहडोल के जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता इन 6 लोगों को सुरक्षित टापू से बाहर निकालना है। बचाव कार्य को गति देने के लिए शहडोल होमगार्ड की विशेष रेस्क्यू टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल यानी SDRF को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है और उन्हें रेस्क्यू के लिए बुला लिया गया है। बचाव दल के अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि पानी के तेज बहाव के बीच भी लोगों को सकुशल बचाया जा सके।

नदी के खतरों से प्रशासन की चेतावनी

यह पहला अवसर नहीं है जब इस नदी में लोग इस तरह फंसे हों। मात्र तीन दिन पहले भी सुखाड़ नदी में 3 ग्रामीण फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था। लगातार सामने आ रहे इन हादसों के बाद भी लोग नदी के बढ़ते जलस्तर के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लोग मछली पकड़ने या अन्य दैनिक कार्यों के लिए नदी के खतरनाक इलाकों में उतरने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि जब भी बाणसागर बांध के गेट खोले जाएं, तब नदी या नालों के आसपास बिल्कुल न जाएं और पानी की आवाजाही के दौरान दूरी बनाए रखें।

अधिकारियों का आधिकारिक बयान

शहडोल जिले के कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें 6 ग्रामीणों के फंसे होने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि होमगार्ड की टीम बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच चुकी है और बहुत जल्द सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। वहीं, शहडोल के एसपी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मछली मारने गए ये लोग तेज जलधारा के बीच फंस गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि SDRF की टीम को भी सूचित कर दिया गया है और बचाव अभियान जल्द ही सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा। एसपी ने यह भी याद दिलाया कि तीन दिन पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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