महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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नागपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नागपुर में नगरसेवक के घर को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की घटना में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीते 26 अगस्त को हुई इस वारदात के मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को नागपुर के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इस मामले को सुलझाने के लिए नागपुर पुलिस ने आधुनिक तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया है, जिसमें AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।
घटना का विवरण और जांच
मामला नागपुर के भंडेवाडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वाठोड़ा लेआउट के श्रावण नगर का है। यहाँ नगरसेवक शुभम मूटघरे के घर की बालकनी पर गोलीबारी करके इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गई थी। वारदात 26 अगस्त की रात करीब 12:45 बजे अंजाम दी गई। घटना के बाद जब भंडेवाडी पुलिस ने मौके की जांच की, तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक दोपहिया वाहन दिखाई दिया, जो खंडवानी टाउन रोड से स्वामीनारायण मंदिर की तरफ जा रहा था। उस वाहन पर दो संदिग्ध सवार थे और पीछे बैठे व्यक्ति ने बालकनी की ओर फायर किया था।
तकनीक बनी पुलिस का बड़ा हथियार
इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आसपास लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला। एआई तकनीक की सहायता से फुटेज में दिख रहे संदिग्धों का हुलिया तैयार किया गया, जिससे पुलिस को पहचान करने में मदद मिली। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि आरोपी नागपुर से बाहर गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में छिपे हुए थे। पुलिस की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और 7 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सामने आया है कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी।
पुलिस का क्या है कहना
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने स्पष्ट किया है कि यह फायरिंग केवल दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड यानी पीसीआर पर लिया गया है। हालांकि, इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता सहित अभी भी 3 आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और उनकी तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
अन्य घटनाक्रम
नागपुर की इस घटना के अलावा, हाल ही में मुंबई के बांद्रा में भी एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई थी। वहां एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से 9 साल के मासूम बच्चे की जान चली गई थी। उस मामले में पुलिस ने एक महिला फिटनेस कोच को गिरफ्तार किया था।
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