SEBI का CDSL पर कड़ा प्रहार, साइबर सुरक्षा में चूक पर लगाया ₹1 करोड़ का जुर्माना बाज़ार एक महीने पहले 61
शेयर बाजार नियामक SEBI ने साइबर सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन करने और लापरवाही बरतने के लिए सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) पर ₹1 करोड़ का भारी जुर्माना ठोका है।

साइबर सुरक्षा में भारी चूक पर एक्शन

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड यानी CDSL के खिलाफ भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। नियामक संस्था ने CDSL पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर बरती गई गंभीर लापरवाही के लिए तय किया गया है। यह पूरा मामला नवंबर 2022 में हुए एक बड़े मालवेयर हमले से जुड़ा है, जिसके कारण बाजार की कई महत्वपूर्ण सेवाएं घंटों तक ठप पड़ गई थीं।

SEBI की गहन जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि CDSL ने अपने एक अत्यंत महत्वपूर्ण सर्वर को क्रिटिकल एसेट की श्रेणी में ही नहीं रखा था, जो कि नियमों का उल्लंघन है। इतना ही नहीं, कंपनी ने इस सर्वर के लिए समय पर वल्नरेबिलिटी असेसमेंट एंड पेनेट्रेशन टेस्टिंग (VAPT) की प्रक्रिया को भी नजरअंदाज किया। नियामक ने अगस्त 2022 में ही इन खामियों के बारे में कंपनी को आगाह कर दिया था, लेकिन CDSL ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हमलावर असल में नवंबर 2021 में ही सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगा चुके थे, लेकिन मालवेयर हमले का पता बहुत बाद में नवंबर 2022 में चला।

बाजार सेवाओं पर पड़ा बुरा असर

इस मालवेयर हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके चपेट में आकर बड़ी संख्या में सिस्टम संक्रमित हो गए थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, CDSL के 547 सर्वरों में से 135 और 506 कंप्यूटर व लैपटॉप में से 177 संक्रमित हो गए थे। इसका सीधा असर सेटलमेंट, पे-इन, पे-आउट, इंटर-डिपॉजिटरी ट्रांसफर और प्लेज जैसी सेवाओं पर पड़ा। SEBI के अनुसार, बाजार का सेटलमेंट सिस्टम करीब 46 घंटे तक बाधित रहा। चूंकि CDSL शेयर बाजार की रीढ़ है, इसलिए इसकी सेवाओं में बाधा आने का खामियाजा पूरे सिक्योरिटी मार्केट को भुगतना पड़ा।

पूर्व अधिकारियों को मिली राहत

इस पूरे घटनाक्रम में CDSL के तत्कालीन चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) राजेश नाडकर्णी और तत्कालीन चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) अमित महाजन के खिलाफ भी पड़ताल की गई थी। हालांकि, SEBI ने यह माना कि ये निर्णय किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं लिए गए थे, बल्कि इन्हें विभिन्न समितियों और बोर्ड की मंजूरी हासिल थी। इसे देखते हुए नियामक ने दोनों पूर्व अधिकारियों पर कोई आर्थिक दंड नहीं लगाने का फैसला किया है।

45 दिनों में भुगतान का निर्देश

SEBI ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि CDSL पर SEBI एक्ट के अंतर्गत ₹90 लाख और डिपॉजिटरीज एक्ट के अंतर्गत ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया है, जो कुल मिलाकर ₹1 करोड़ होता है। कंपनी को यह राशि आदेश जारी होने के 45 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। SEBI ने जोर देकर कहा कि डिपॉजिटरी जैसी संस्थाओं की साइबर सुरक्षा में चूक पूरे शेयर बाजार की अखंडता और निवेशकों के भरोसे को खतरे में डाल सकती है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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