राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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हादसे का विवरण
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक भीषण हादसा सामने आया है, जहाँ एक पुरानी इमारत अचानक ढह गई। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 3 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं की संवेदना
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपना संदेश साझा करते हुए कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत का गिरना बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री ने उन परिवारों के प्रति संवेदना जताई है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। साथ ही, उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल पर पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हुई हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना को बहुमूल्य जानों का नुकसान बताया है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं और राहत कार्य जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और बचाव कार्य
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात की है। मुख्यमंत्री स्वयं बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं और उन्होंने आश्वस्त किया है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर मुस्तैद है ताकि बचाव अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इमारत की स्थिति और हादसे का कारण
दिल्ली पुलिस के शुरुआती आकलन के अनुसार, जो इमारत ढही है वह लगभग 40 से 50 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। यह संरचना एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलों से मिलकर बनी थी। स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस इमारत का उपयोग पेइंग गेस्ट यानी पीजी के तौर पर किया जाता था। घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसे हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।
- कुल मौतें: 3
- बचाए गए लोग: 9
- इमारत की उम्र: 40 से 50 वर्ष
- संरचना: बेसमेंट और 5 मंजिलें
- उपयोग: पेइंग गेस्ट (पीजी)
फिलहाल घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम निरंतर जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति वहां फंसा न हो। क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि बचाव दल अपना काम बिना किसी व्यवधान के कर सकें। आसपास के निवासियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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