सांबा में जान जोखिम में डाल स्कूल जा रहे बच्चे, पिता को दरिया पार कराने की मजबूरी राष्ट्रीय राजनीति 3 घंटे पहले 3
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में विकास के दावों के बीच एक दिल दहलाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए हर दिन खतरनाक दरिया पार करने को मजबूर हैं।

विकास के दावों के बीच खतरे में बचपन

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी दावों की पोल खोलकर रख देती है। सुम्ब ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली कार्ड पंचायत के बनव गांव में रहने वाले मासूम बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। यहां स्कूल जाने का रास्ता किसी पक्की सड़क से नहीं, बल्कि एक बेहद खतरनाक और तेज बहाव वाली दरिया से होकर गुजरता है। इस इलाके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में एक पिता को अपने नन्हे बच्चे का हाथ थामकर जान जोखिम में डालते हुए दरिया पार कराते देखा जा सकता है।

हर कदम पर मौत का खतरा

इस गांव के बच्चों के हाथों में शिक्षा की किताबें होनी चाहिए थीं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने की जद्दोजहद में उन्हें अपनी जान हथेली पर रखनी पड़ती है। दरिया में जमा पत्थर फिसलन भरे हैं और पानी का बहाव इतना तेज है कि जरा सा संतुलन बिगड़ने पर कोई भी बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है। यह दृश्य न केवल विचलित करने वाला है, बल्कि व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। रोजाना स्कूल जाने के लिए बच्चों और उनके अभिभावकों को इस खौफनाक स्थिति का सामना करना पड़ता है।

पुल निर्माण की धीमी रफ्तार

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थान पर पुल का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य ने ग्रामीणों की मुसीबतों को कम करने के बजाय और बढ़ा दिया है। जब तक यह पुल बनकर पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों और मासूम बच्चों के पास जान जोखिम में डालकर दरिया पार करने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। हर कदम यहां एक नई चुनौती बनकर सामने आता है, जिसे पार करना किसी जंग से कम नहीं है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

यह समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी स्थानीय लोगों की दुश्वारियों को मीडिया के माध्यम से प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा गया था, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी वैसी ही बनी हुई है। प्रशासन की अनदेखी के चलते स्थानीय लोग हताशा में जीने को मजबूर हैं। एक बार फिर से संबंधित अधिकारियों से यह अपील की जा रही है कि पुल निर्माण के कार्य में तेजी लाई जाए और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का हक है, लेकिन इसके लिए उन्हें दरिया से जूझना पड़े, यह एक शर्मनाक स्थिति है। किसी भी बच्चे की शिक्षा उसकी जिंदगी के लिए खतरा नहीं बननी चाहिए। उम्मीद है कि इन तस्वीरों के सामने आने के बाद प्रशासन जागेगा और जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा ताकि बनव गांव के बच्चे सुरक्षित अपने स्कूल तक पहुंच सकें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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