बिहार
एक घंटा पहले
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बिहार के समस्तीपुर में पुलिस ने केंद्रीय चयन पर्षद की मद्य निषेध विभाग एवं कारा विभाग की सिपाही और कक्षपाल भर्ती परीक्षा शुरू होने से पहले ही सॉल्वर गैंग की साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि परीक्षा में गड़बड़ी कराने के मकसद से गिरोह के कुछ सदस्य सक्रिय हैं, जिसके बाद जिला पुलिस की डीआईयू और एसआईटी टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया।
बेगूसराय के इनपुट पर हुई कार्रवाई
समस्तीपुर पुलिस ने यह पूरी कार्रवाई बेगूसराय पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर अंजाम दी। परीक्षा के दौरान गिरोह के मंसूबों को विफल करते हुए पुलिस ने सॉल्वर गैंग से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, अन्य उपकरण और अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने परीक्षा आरंभ होने से पूर्व ही दबिश दे दी, जिससे गिरोह की पूरी योजना धरी रह गई।
केंद्र पर रिकॉर्डिंग करता वीडियोग्राफर भी गिरफ्तार
इस कार्रवाई में एक वीडियोग्राफर को भी पकड़ा गया है, जो परीक्षा के दौरान केंद्र पर वीडियोग्राफी का काम कर रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी असल भूमिका क्या थी और वह किस तरह सॉल्वर गैंग को सहयोग पहुंचा रहा था।
आरोपियों की पहचान और गुनाह का इकबाल
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों की पहचान बेगूसराय जिले के गढ़पुरा निवासी अमित कुमार और नीतीश कुमार, समस्तीपुर के विथान निवासी दीपक कुमार यादव तथा खानपुर थाना क्षेत्र के इलमास नगर निवासी पंकज कुमार सहनी के रूप में हुई है।
एएसपी सदर 1 समस्तीपुर संजय कुमार पांडे ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ चल रही है और इन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग इससे पहले भी परीक्षाओं में सक्रिय रहे हैं।
समय रहते कार्रवाई से शांतिपूर्ण रही परीक्षा
एएसपी संजय कुमार पांडे के अनुसार समस्तीपुर पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई के चलते आज की परीक्षा में सॉल्वर गैंग कुछ नहीं कर सका और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड आरोपियों के पास से मिले, वे भी आज परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
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