उत्तर बिहार में मानसून पर ताजा जानकारी, मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए अहम सुझाव बिहार 3 महीने पहले 51
पूसा के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक समस्तीपुर और आसपास के जिलों में 15 से 20 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। वैज्ञानिकों ने किसानों को अभी से धान की खेती की तैयारी शुरू करने और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नजर रखने की सलाह दी है।

बिहार के समस्तीपुर समेत पूरे उत्तर बिहार के किसानों का इंतजार जल्द ही समाप्त हो सकता है। धान की रोपाई के मौसम से ठीक पहले मानसून के आगमन को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समस्तीपुर और इसके आसपास के जिलों में 15 से 20 जून के बीच मानसून पहुंचने की संभावना है।

मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी

पूसा स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में मानसून से जुड़ी हर हलचल पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस काम में आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ इसरो द्वारा स्थापित जर्मन टावर का सहारा लिया जा रहा है। वैज्ञानिक इन उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर मौसम का पूर्वानुमान तैयार कर रहे हैं।

अभी से शुरू करें धान की खेती की तैयारी

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल सत्तार ने बताया कि मौजूदा मौसमी संकेत मानसून के समय पर पहुंचने की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे अभी से धान की खेती की तैयारी में जुट जाएं।

खासकर धान के बिचड़े तैयार करने और खेतों की जुताई जैसे जरूरी कामों को समय रहते पूरा कर लेना चाहिए, ताकि मानसून आते ही खेती का काम बिना देरी के तेजी से शुरू किया जा सके।

मानसून से पहले सामान्य से अधिक बारिश

वैज्ञानिक के मुताबिक इस वर्ष मानसून के आने से पहले ही सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके संभावित प्रभावों पर मौसम विशेषज्ञ निरंतर अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसका मानसून पर आखिर क्या असर पड़ेगा।

पूर्वानुमानों पर नजर रखने की सलाह

डॉ. सत्तार ने किसानों को मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले पूर्वानुमानों पर भी नजर बनाए रखने की सलाह दी है। जिन किसानों के पास सिंचाई की बेहतर व्यवस्था है, वे अपनी जरूरत के मुताबिक खेती की योजना तैयार कर सकते हैं। वहीं सीमित सिंचाई सुविधा वाले किसानों को मौसम की जानकारी के आधार पर ही खेती से जुड़े फैसले लेने चाहिए।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के समय पर पहुंचने से धान की खेती को सीधा लाभ मिलेगा और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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