सच्चे मन से दौड़ें तो नौकरी तय! समस्तीपुर का यह फिजिकल ग्राउंड बना हजारों युवाओं की उम्मीद, जानिए मान्यता बिहार एक महीने पहले 14
समस्तीपुर के पटोरी प्रखंड स्थित गोरगामा का फिजिकल ग्राउंड युवाओं के लिए तैयारी का केंद्र बन चुका है। स्थानीय मान्यता है कि यहां कोचिला मठ बाबा के आशीर्वाद से सच्चे मन से अभ्यास करने वालों को सफलता मिलती है।

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए फिजिकल ग्राउंड कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड में स्थित गोरगामा का फिजिकल ग्राउंड अपनी अलग और अनोखी पहचान रखता है। यह केवल दौड़ लगाने भर की जगह नहीं, बल्कि युवाओं की उम्मीदों, भरोसे और सपनों का केंद्र बन चुका है। यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि जो अभ्यर्थी पूरी निष्ठा, अनुशासन और सच्चे मन से इस मैदान पर दौड़ लगाते हैं, उन्हें सफलता अवश्य मिलती है।

यही वजह है कि हर दिन सैकड़ों युवा सेना, बिहार पुलिस, होमगार्ड और दूसरी सरकारी सेवाओं की शारीरिक परीक्षा की तैयारी के लिए यहां पहुंचते हैं। गांव और आसपास के इलाकों में इस ग्राउंड को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनके चलते यह मैदान लगातार चर्चा में बना रहता है।

दूर-दूर से पहुंचते हैं अभ्यर्थी

स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि इस मैदान पर तैयारी करके अब तक एक हजार से अधिक युवा अलग-अलग सरकारी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। हालांकि इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, फिर भी क्षेत्र में ऐसे अनेक युवाओं की मिसालें दी जाती हैं जिन्होंने यहां नियमित अभ्यास के बाद नौकरी पाई।

सुबह और शाम के समय मैदान में युवाओं की लंबी कतारें नजर आती हैं। कोई दौड़ का अभ्यास करता दिखता है तो कोई लंबी कूद, शारीरिक संतुलन और अन्य गतिविधियों पर मेहनत करता हुआ। सिर्फ गोरगामा ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों और प्रखंडों से भी अभ्यर्थी यहां पहुंचते हैं। कई युवाओं का कहना है कि इस मैदान का माहौल उन्हें अतिरिक्त आत्मविश्वास देता है और यहां आकर अभ्यास करने से उनका मनोबल बढ़ता है। इन्हीं वजहों से यह फिजिकल ग्राउंड युवाओं के बीच एक खास पहचान बना चुका है।

‘कोचिला मठ बाबा’ के आशीर्वाद से जुड़ी आस्था

गांव के वरिष्ठ निवासी विशेश्वर ठाकुर उर्फ जिला केसरी बताते हैं कि यह मैदान वर्षों पुराना है और इसके साथ लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उनके अनुसार स्थानीय मान्यता यह है कि कोचिला मठ बाबा का आशीर्वाद इस स्थान पर आज भी कायम है। उनका कहना है कि जो युवा पूरी लगन और सच्चे मन से यहां अभ्यास करते हैं, उन्हें सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

विशेश्वर ठाकुर यह भी कहते हैं कि पिकनिक या दिखावे की भावना से आने वालों की तुलना में मेहनत और समर्पण के साथ तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर परिणाम मिलते हैं। इसे आस्था मानें या संयोग, लेकिन गोरगामा का यह फिजिकल ग्राउंड आज भी हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बना हुआ है। यही कारण है कि समस्तीपुर का यह मैदान एक सामान्य खेल मैदान से कहीं बढ़कर, युवाओं के विश्वास और संघर्ष की पहचान बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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