बिहार
एक महीने पहले
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बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां निर्माणाधीन ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन परियोजना के तहत गंगा नदी पर बनाए जा रहे महासेतु पर शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। पुल के पिलर पर काम करने के दौरान अचानक हुए इस हादसे में पांच से छह मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर अचानक चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सभी घायल मजदूरों को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
कैसे हुआ यह हादसा?
घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब गंगा सेतु के पिलर संख्या 38 पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने बताया कि पिलर के ऊपर सेंटरिंग प्लेट चढ़ाने का काम किया जा रहा था। उसी दौरान अचानक कुछ तकनीकी गड़बड़ी या संतुलन बिगड़ने के कारण यह बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय पिलर पर काफी ऊंचाई पर कुल पांच मजदूर काम कर रहे थे।
प्लेट चढ़ाने के दौरान अचानक दो मजदूरों का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे नीचे की ओर गिर गए। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण इन दोनों मजदूरों को अत्यंत गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, पिलर पर मौजूद अन्य मजदूरों को भी इस दुर्घटना में काफी चोटें लगी हैं। कुल मिलाकर इस हादसे में 5 से 6 मजदूर जख्मी बताए जा रहे हैं।
तुरंत शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया। वहां काम कर रहे अन्य कर्मियों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव का काम शुरू किया। सबसे पहले जमीन पर गिरे घायल मजदूरों को संभाला गया। घटनास्थल से आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि घायल मजदूर जमीन पर पड़े हुए हैं और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थानीय लोग और सहकर्मी जुटे हुए हैं।
घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पुलिस की तफ्तीश और सुरक्षा पर सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को अपने नियंत्रण में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह दुर्घटना किस वजह से हुई।
इसके साथ ही पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं। क्या मजदूरों को ऊंचाई पर काम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे बेल्ट और हेलमेट दिए गए थे? हालांकि, इस हादसे के कारणों को लेकर अभी तक प्रशासन या निर्माण कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना की सही वजह सामने आ पाएगी।
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