सामंथा रुथ प्रभु की पारंपरिक गोद भराई, राज निदिमोरु के साथ साझा किए यादगार पल मनोरंजन 2 घंटे पहले 4
अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने अपने पति राज निदिमोरु के साथ अपनी गोद भराई की रस्मों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने भारतीय परंपराओं के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया है।

सामंथा रुथ प्रभु की गोद भराई की खुशियां

अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु वर्तमान में अपनी जिंदगी के बेहद सुखद दौर से गुजर रही हैं। वह अपने पति और फिल्म निर्माता राज निदिमोरु के साथ अपने पहले बच्चे के आगमन की तैयारियों में व्यस्त हैं और इस नए सफर का आनंद ले रही हैं। सामंथा और राज का विवाह 1 दिसंबर 2025 को संपन्न हुआ था। विवाह के लगभग छह महीने बाद ही उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। हाल ही में एक बातचीत के दौरान सामंथा ने खुलासा किया कि यह प्रेग्नेंसी उनके लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं थी। अब उन्होंने अपनी पारंपरिक गोद भराई रस्म की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिनमें वे पति राज के साथ खुश नजर आ रही हैं।

गोद भराई की रस्में और तस्वीरें

सामंथा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी गोद भराई के समारोह की कई खूबसूरत झलकियां साझा की हैं। इन रस्मों में 'कला आवरण' यानी श्री कल्पम, अभिषेक और अन्य पवित्र अनुष्ठान शामिल थे। समारोह के दौरान सामंथा सरसों के रंग के अनारकली सूट में बहुत सुंदर लग रही थीं। सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि 'द फैमिली मैन 2' फेम अभिनेत्री पर पवित्र जल छिड़का जा रहा है और पृष्ठभूमि में मंत्रोच्चार सुनाई दे रहा है। ये सभी रस्में मां और आने वाले बच्चे के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी की गईं।

पारंपरिक अनुष्ठानों का महत्व

समारोह के आगे के भाग में सामंथा ने अपनी पोशाक बदली और पीले रंग की सिल्क की साड़ी पहनी। इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए सामंथा ने उस आध्यात्मिक अनुभव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय परंपराओं को लेकर हमेशा से श्रद्धा रखती आई हैं, भले ही उन्हें हर रस्म की बारीकियों का पूरी तरह ज्ञान न हो। उनका दृढ़ विश्वास है कि प्राचीन रस्में और मंत्रों के उच्चारण में गहरा आध्यात्मिक प्रभाव छुपा होता है।

खास रस्में और उनकी गहराई

गोद भराई के दौरान श्रीविद्या परंपरा के एक पुजारी ने सामंथा को हर रस्म का गूढ़ अर्थ समझाया। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि हर मंत्र और चढ़ावे का एक विशिष्ट उद्देश्य होता है। सामंथा ने बताया कि 'कला आवरण' रस्म में होने वाली मां के सात चक्रों के माध्यम से देवी की 94 कलाओं या दिव्य गुणों का सम्मान किया जाता है। इस प्रक्रिया में पवित्र जल और मंत्रों का उपयोग करके मां के चक्रों को शुद्ध और ऊर्जान्वित किया गया। सामंथा ने इस बात पर जोर दिया कि इस रस्म में मां को साक्षात देवी का दर्जा दिया जाता है। उन्होंने लिखा कि यह अनुभव उन्हें अंदर तक छू गया, क्योंकि इसमें रचनाकार के रूप में महिला का सम्मान किया जाता है जो एक नई जिंदगी को जन्म देने जा रही है। यह न केवल बच्चे के लिए बल्कि स्वयं मां के लिए भी एक नए जीवन की शुरुआत जैसा है।

राज निदिमोरु का प्यार भरा साथ

सामंथा ने अपनी पोस्ट में 'देवी खड्गमाला' के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन मंत्रों के जाप से मां और बच्चे के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनता है, जो बच्चे को जन्म से पहले ही पवित्र संस्कार प्रदान करता है। हालांकि, इस पूरे समारोह का सबसे भावुक और प्यारा पल वह था जब राज निदिमोरु ने सामंथा के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। एक तस्वीर में राज को सामंथा की ठुड्डी को प्यार से छूते हुए देखा गया। यह दक्षिण भारतीय संस्कृति का एक ऐसा अंदाज है, जिसमें होने वाली मां को नजर से बचाने और अपना प्यार जताने के लिए यह भावुक इशारा किया जाता है। सामंथा और राज के इस मिलन और आने वाले नन्हे मेहमान के प्रति उनके उत्साह ने फैंस का दिल जीत लिया है।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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