सागर में बिजली विभाग के अधिकारी की दबंगई, टोल टैक्स मांगने पर कटवा दी टोल प्लाजा की बिजली मध्य प्रदेश एक महीने पहले 55
मध्य प्रदेश के सागर जिले में बिजली विभाग के एक अधिकारी ने टोल टैक्स देने से इनकार करते हुए पूरे टोल प्लाजा की बिजली ही कटवा दी। इस घटना को लेकर टोल मैनेजर ने इसे पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करार दिया है।

टोल प्लाजा पर बिजली विभाग की मनमानी

मध्य प्रदेश के सागर जिले में सरकारी पद पर बैठे अधिकारियों की मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के कर्रापुर टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने जब बिजली विभाग के एक अधिकारी से नियमानुसार टोल टैक्स की मांग की, तो अधिकारी ने अपना रूतबा दिखाते हुए पूरे टोल प्लाजा की बिजली ही कटवा दी। इस घटना के बाद टोल मैनेजर ने इसे सरकारी पद का सरासर दुरुपयोग और खुली गुंडागर्दी बताया है।

टोल टैक्स बना विवाद की वजह

कर्रापुर टोल प्लाजा के मैनेजर मनोज कुमार तोमर ने बताया कि बंडा में तैनात बिजली कंपनी के अधिकारी मयंक कुमार का रोजाना सागर से बंडा के बीच आवागमन होता है। अब तक आपसी शिष्टाचार और सौहार्द के चलते टोल कर्मचारी मयंक कुमार की निजी गाड़ी से शुल्क नहीं लेते थे। लेकिन अब मामला पूरी तरह से बिगड़ चुका है।

मुफ्त में गाड़ियों को निकलवाने का दबाव

टोल मैनेजर के अनुसार, मयंक कुमार की मनमानी इतनी बढ़ गई थी कि वे न केवल अपनी निजी गाड़ी, बल्कि अपने पीछे आने वाले लोडिंग वाहनों और अन्य व्यावसायिक गाड़ियों को भी बिना टोल टैक्स दिए निकलवाने का दबाव बनाने लगे थे। सोमवार के दिन जब कर्मचारियों ने नियमों का पालन करते हुए उनकी गाड़ियों को टोल टैक्स के लिए रोका, तो अधिकारी ने आपा खो दिया।

बहस के बाद की गई बिजली गुल

विवाद के दौरान मयंक कुमार ने टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और तीखी बहस की। आरोप है कि बहस के तुरंत बाद उन्होंने कर्रापुर के बिजली अधिकारी रामनिवास आदिवासी को फोन किया। इसके बाद बदले की भावना से टोल प्लाजा की पूरी बिजली आपूर्ति काट दी गई। मैनेजर का कहना है कि यह पूरी तरह से मिलीभगत और पुरानी रंजिश का नतीजा है, जिसमें जानबूझकर टोल प्लाजा के कामकाज को ठप करने का प्रयास किया गया।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

इस पूरे मामले की तस्वीरें और घटनाक्रम वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए हैं। मैनेजर का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने अपनी गाड़ी रुकने से नाराज होकर सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल निजी दुश्मनी निकालने में किया। फिलहाल इस मामले को लेकर इलाके में काफी चर्चा है और टोल प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे सरकारी पदों पर बैठे लोग कभी-कभी कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचकिचाते।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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