मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर अब बदलने की दहलीज पर खड़ी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले दो नेशनल हाईवे की आपसी कनेक्टिविटी इस इलाके को विकास की नई रफ्तार देने जा रही है। इससे जहां बड़े उद्योगों के यहां स्थापित होने की संभावनाएं बनेंगी, वहीं पर्यटन के क्षेत्र में भी नए आयाम गढ़े जाएंगे।
क्या है पूरी परियोजना
झांसी-सागर नेशनल हाईवे 44 और झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे 39 को निवाड़ी जिले के पास से 15 किलोमीटर का बाईपास बनाकर आपस में जोड़ा जा रहा है। यह 15 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क 631 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी से स्वीकृति मिल चुकी है और भू-अर्जन का काम भी शुरू हो चुका है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को संबल
नई सड़क के बनने से होटल, गाइड और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी। साथ ही परिवहन सेवाओं का भी विस्तार होगा। यह बाईपास निवाड़ी और झांसी जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का काम करेगा, क्योंकि सड़क से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यह स्थानीय लोगों के विकास में भी अहम कड़ी साबित होगी।
ओरछा की राह होगी आसान
मध्य प्रदेश की अयोध्या कही जाने वाली रामलला सरकार की नगरी ओरछा में सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जहां दुनिया भर से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। फिलहाल इनमें से अधिकांश पर्यटकों को झांसी होकर ही ओरछा तक पहुंचना पड़ता है।
बाईपास तैयार हो जाने के बाद श्रद्धालु और पर्यटक ललितपुर से सीधे ओरछा नगरी तक पहुंच सकेंगे। इससे एक ओर ओरछा की दूरी कम होगी, वहीं दूसरी ओर अभी झांसी में जिस भारी ट्रैफिक से जूझना पड़ता है, उससे भी राहत मिलेगी।
किन इलाकों से गुजरेगा बाईपास
दोनों नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला यह बाईपास मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से होकर गुजरेगा। निवाड़ी जिले में यह मार्ग बनगांय खास, मजरा बनगांय, गुजरा खुर्द, जमुनिया खास, जमुनिया भाटा, रामनगर, मथुरापुरा, रुंदमकोरा, ढीमरपुरा, बाबेड़ी और प्रतापपुरा सहित कुल 11 ग्रामों को कवर करेगा। वहीं झांसी जिले के सैयार गांव से भी होकर यह मार्ग निकलेगा।
पर्यटन के लिहाज से बेहद खास
यह परियोजना पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाईपास का समापन ओरछा तिगैला पर होगा। ओरछा यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहां का रामराजा मंदिर, जहांगीर महल तथा बेतवा वन्यजीव अभयारण्य दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हाईवे तक बेहतर और सुगम पहुंच मिलने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
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