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2 घंटे पहले
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रूस और यूक्रेन के बीच भीषण सैन्य संघर्ष
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की तीव्रता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। दोनों देशों की सेनाओं ने रात भर एक दूसरे के ठिकानों पर बमों और मिसाइलों की बौछार कर दी। इस आपसी हमले के कारण दोनों पक्षों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। यूक्रेन के शहरों को निशाना बनाकर रूस लगातार हमले कर रहा है, जिससे वहां की स्थिति नाजुक बनी हुई है। यूक्रेन के पास मौजूद एकमात्र एयर डिफेंस सिस्टम, पैट्रियट, फिलहाल इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी से जूझ रहा है। इसके कारण यूक्रेन रूसी मिसाइलों को आसमान में रोकने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इस कठिन समय में यूक्रेन ने भी पलटवार करते हुए रूस के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर निशाना साधा है।
नागरिकों पर हमलों का दर्दनाक असर
यूक्रेन ने रूसी सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए बड़ा हमला किया। इस हमले का सबसे ज्यादा असर बेलगोरोड क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पांच लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें चार साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं, दूसरी ओर यूक्रेन के खार्किव शहर में रूसी मिसाइलें एक ऊंची इमारत पर गिरीं, जिसके चलते दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 13 अन्य नागरिक घायल हो गए। इसके अलावा, काला सागर तट पर स्थित ओडेसा पोर्ट पर दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन से किए गए संयुक्त हमलों के कारण आठ लोग घायल हुए हैं।
पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की चुनौती
यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से अतिरिक्त पैट्रियट सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि आम नागरिकों की रक्षा के लिए यह हथियार अनिवार्य है। हालांकि, अमेरिका खुद अन्य वैश्विक मोर्चों पर उलझा हुआ है, जिससे वहां भी इन सिस्टम्स की किल्लत देखी जा रही है। ऐसी खबरों के बीच जेलेंस्की अब यूक्रेन के भीतर ही पैट्रियट सिस्टम के उत्पादन की अनुमति चाहते हैं। इसके अलावा, रूस के भीतर स्थित मिसाइल लॉन्चरों को सटीकता से निशाना बनाने के लिए वे एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करने की कोशिश में भी हैं।
रूस में गहराता फ्यूल संकट
यूक्रेन की रणनीति अब रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की है। यूक्रेन की सेना लंबी दूरी के ड्रोन्स का इस्तेमाल करते हुए वाइल्डबेरीज जैसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स और अन्य महत्वपूर्ण केंद्रों पर लगातार प्रहार कर रही है, जिससे रूस में ईंधन यानी फ्यूल का संकट गंभीर होता जा रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार की रात यूक्रेनी सेना ने खार्किव और ओडेसा में ईंधन डिपो और सैन्य गोदामों को निशाना बनाया। रूस ने दावा किया है कि उसने रात भर में 153 यूक्रेनी ड्रोन हवा में ही मार गिराए।
बेलगोरोड और नोवोरोस्सिय्स्क में तबाही
रूस के बेलगोरोड में हुए नुकसान का ब्यौरा देते हुए स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण 29 अपार्टमेंट ब्लॉक, पांच निजी घर और कई प्रशासनिक कार्यालय तबाह हो गए हैं। नोवोरोस्सिय्स्क के मेयर एंड्री क्रावचेंको ने जानकारी दी कि यूक्रेन के ड्रोन का मलबा गिरने से वहां की दो कंपनियों और एक निजी घर को काफी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान हुई मलबे की बारिश से एक व्यक्ति घायल हुआ, दो घरों को नुकसान पहुंचा और एक अपार्टमेंट की खिड़कियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
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