भारत
एक घंटा पहले
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दिल्ली में अहम बैठक की तैयारी
भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें BRICS समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात होने जा रही है। शुक्रवार को होने वाली इस बैठक को लेकर राजनयिक गलियारों में काफी हलचल है। जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात न केवल भारत और रूस के बीच के संबंधों को नई ऊंचाई देगी, बल्कि रक्षा और व्यापार के मोर्चे पर कई बड़े फैसलों का आधार भी बन सकती है।
Su-57 फाइटर जेट पर सबकी नजरें
इस मुलाकात का सबसे प्रमुख केंद्र रूस का पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट Su-57 है। ऐसी खबरें हैं कि रूस इस विमान की तकनीक साझा करने या इसे भारत को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर खुलकर बातचीत कर सकता है। जिस तरह ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट भारत और रूस की साझेदारी की एक बड़ी सफलता रही है, उसी तर्ज पर Su-57 को लेकर भी कोई बड़ा समझौता होने की चर्चा जोर-शोर से है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
पुतिन के इस भारत दौरे से पहले रूस के क्रेमलिन ने जिन संभावित विषयों के संकेत दिए हैं, उनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:
- रक्षा क्षेत्र में नई डील: Su-57 फाइटर जेट को लेकर सहयोग और तकनीक का हस्तांतरण।
- परमाणु ऊर्जा: न्यूक्लियर पावर प्लांट और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी साझेदारी को मजबूत करना।
- व्यापारिक संबंध: दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा को बढ़ाने के लिए नई रणनीतियां।
- यूक्रेन युद्ध का असर: वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और यूक्रेन संघर्ष के बीच शांति की संभावनाओं पर मंथन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की यह बातचीत भविष्य की वैश्विक राजनीति में भारत और रूस की धुरी को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाली साबित हो सकती है। शुक्रवार की इस 'महाबैठक' के बाद रक्षा सौदों को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
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