केदारनाथ से लौटे श्रद्धालुओं ने बताई हकीकत, बोले- 'धैर्य रखना जरूरी', जानिए कितनी है भीड़ उत्तराखंड एक महीने पहले 21
कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने भीड़ और इंतजामों को लेकर अपना अनुभव साझा किया।

मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही इस बार चारधाम यात्रा पूरे जोश पर है और देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस बार वहां पहले से ज्यादा भीड़ है, और अगर है तो व्यवस्थाएं कैसी हैं। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए यात्रा से वापस लौटे श्रद्धालुओं से उनके अनुभव साझा किए गए।

व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं की राय

मध्य प्रदेश के शाजापुर से पहुंचे रवि कुमार खजूरिया ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि रास्ते में या दर्शन के दौरान उन्हें कहीं भी किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उनके मुताबिक ठहरने के लिए टेंट और कमरे आसानी से मिल गए, साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था भी संतोषजनक रही।

भीड़ और अव्यवस्था को लेकर क्या बोले श्रद्धालु

एक अन्य श्रद्धालु रवि आर्य ने बताया कि मंदिर परिसर में उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक भीड़ या अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ा। उनका कहना था कि दर्शन के दौरान थोड़ा धैर्य रखना जरूरी है, लेकिन कुल मिलाकर पूरी व्यवस्था व्यवस्थित नजर आई।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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