साथ जीने-मरने का वादा हुआ सच: रीवा में कारोबारी पति की मौत के बाद उत्तराखंड में पत्नी ने दी जान मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 4
रीवा के युवा सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, और कुछ ही देर बाद उत्तराखंड में मायके गई उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत ने भी आत्महत्या कर ली। 2021 में प्रेम विवाह करने वाले इस दंपती का 'साथ मरने' का वादा रविवार को दर्दनाक हकीकत बन गया।

रीवा जिले से एक हृदय को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी के बीच का प्रेम और 'साथ जीने-मरने' का वादा मौत के बाद भी सच साबित हुआ। शहर के युवा सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की मौत की खबर मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत ने भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

घटना के समय प्रदीप सोनी रीवा के अनंतपुर स्थित अपने घर में अकेले थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के कुमौड़ गांव स्थित अपने मायके गई हुई थीं। प्रदीप ने ही उन्हें प्रयागराज स्टेशन पर छोड़ा था।

बाथरूम में बेहोश मिले प्रदीप, कार्डियक अरेस्ट बना मौत की वजह

रविवार सुबह प्रदीप घर पर ही थे। उन्होंने अपनी कामवाली से चाय बनाने को कहा और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चले गए। जब काफी देर तक वे बाहर नहीं निकले, तो मेड ने दरवाजा खटखटाया।

कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा खोला गया, तो प्रदीप बाथरूम में बेहोश पड़े मिले। परिजन उन्हें तुरंत संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रदीप की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है।

पति की मौत का सदमा नहीं झेल पाईं वैशाली

उत्तराखंड में मौजूद वैशाली को रविवार सुबह फोन पर पति की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई थी। परिवार ने शुरुआत में उन्हें केवल गंभीर हालत के बारे में बताया और तुरंत आने के लिए कहा। वैशाली ने सामान पैक करना शुरू भी कर दिया था, लेकिन जैसे ही पति की मौत की पुष्टि हुई, वे गहरे सदमे में चली गईं।

इसके बाद वैशाली किसी को बताए बिना घर से निकल गईं और लापता हो गईं। शाम को जाजरदेवल थाना क्षेत्र के नैनीसैनी गधेरे के पास एक तालाब में उनका शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर पुलिस को उनका मोबाइल फोन और पर्स भी मिला।

2021 में हुआ था प्रेम विवाह

प्रदीप और वैशाली ने साल 2021 में प्रेम विवाह किया था। प्रदीप के पिता परमानंद सोनी ने बताया कि दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। एक बार मजाक में हुई बातचीत के दौरान वैशाली ने कहा था कि वे जब तक जिएंगी, साथ जिएंगी और साथ ही मरेंगी। परिवार ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि यह बात इतनी जल्दी और इस तरह सच साबित हो जाएगी।

एक ही दिन में बेटे और बहू को खोया परिवार ने

प्रदीप सोनी शहर के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी थे और पूरी तरह स्वस्थ थे। उनके परिवार में पिता परमानंद सोनी के अलावा छोटा भाई अमन और बहन भारती हैं। एक ही दिन में बेटे और बहू की मौत से सोनी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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