भोजपुर एनकाउंटर मामला: बिलौटी गांव पहुंची जांच टीम, परिजनों ने की सीबीआई जांच की मांग बिहार एक दिन पहले 6
बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक टीम ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

जांच के लिए पहुंची विधि आयोग की टीम

बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद से उपजे विवाद और पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच अब राज्य विधि आयोग की टीम सक्रिय हो गई है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अगुवाई में जांच दल शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचा है। इस मौके पर डीआईजी सत्य प्रकाश, डीएम तनय सुल्तानिया और एसपी राज सहित जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे।

परिजन और घटनास्थल का लिया जायजा

जांच दल ने सबसे पहले मृतक भरत भूषण तिवारी के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। परिजनों से बात करने के बाद टीम सीधे उस स्थान पर पहुंची जहां कथित एनकाउंटर हुआ था। वहां अधिकारियों ने घटना से जुड़े हर बिंदु की बारीकी से पड़ताल की और मामले की समीक्षा की।

मां ने की दोषियों को फांसी देने की मांग

इस पूरी घटना से व्यथित मृतक की मां ने प्रशासन के सामने अपना दर्द बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार से मांग की है कि उनके बेटे के हत्यारों को सख्त सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी हैं, उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इसके अलावा पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग दोहराई है।

स्थानीय स्तर पर बढ़ रहा दबाव

भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर के बाद से ही भोजपुर पुलिस लगातार सवालों के घेरे में है। बीते दिन आयोजित हुई एक महापंचायत में भी स्थानीय लोगों ने पुलिस के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया था। हालांकि, अब न्यायिक टीम के बिलौटी गांव पहुंचने से ग्रामीणों में एक बार फिर निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है। इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!