ऑनलाइन बिक रहे इंसानी अंग: ममी के कटे सिर से फैल रहा जानलेवा संक्रमण विश्व एक घंटा पहले 4
इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए ममीफाइड इंसानी अंगों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, जो खरीदारों के साथ-साथ कूरियर कर्मचारियों के लिए भी एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गई है।

ऑनलाइन बाजार में ममी के अंगों का काला कारोबार

आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक अजीबोगरीब और डरावना ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग ऑनलाइन नीलामी के जरिए ममीफाइड यानी संरक्षित किए गए इंसानी अंगों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इन अंगों में ममी के कटे हुए सिर, हाथ और पैर जैसी चीजें शामिल हैं। ये वस्तुएं देखने में भले ही रहस्यमयी या ऐतिहासिक लगें, लेकिन असल में ये अपने साथ बीमारियों और खतरों का एक बड़ा जाल लेकर आ रही हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

स्टाफोर्डशायर यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन में इन ममीफाइड अंगों को लेकर बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन अंगों में खतरनाक फंगस और दशकों पुराने जहरीले रसायन छिपे हो सकते हैं। ये पदार्थ इंसानी शरीर के लिए बेहद हानिकारक हैं और इनके संपर्क में आना किसी बड़ी बीमारी को न्यौता देने जैसा है।

अनियंत्रित शिपिंग से बढ़ा खतरा

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन अंगों को बिना किसी सुरक्षात्मक पैकिंग या सीलबंद डिब्बों में पैक किए भेजा जा रहा है। पार्सल भेजने की इस लापरवाही के कारण खरीदारों के फेफड़ों में गंभीर फंगल इन्फेक्शन होने का डर लगातार बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये संक्रमण जानलेवा साबित हो सकते हैं और इनका प्रभाव बहुत तेजी से फैलता है।

सिर्फ खरीदार ही नहीं, कूरियर स्टाफ भी खतरे में

यह खतरा केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जो इन चीजों को शौक के चलते खरीद रहे हैं। इसे डिलीवर करने वाले कूरियर बॉयज, डाकिये और कस्टम विभाग के अधिकारी भी अनजाने में इसकी चपेट में आ रहे हैं। बिना सुरक्षित पैकिंग के इन पार्सल्स को छूने या उनके पास रहने से ये लोग सीधे तौर पर जहरीले रसायनों और फंगल बीजाणुओं के संपर्क में आ रहे हैं, जिससे उनकी जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप