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एक घंटा पहले
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अगर आप जापान की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं और वहां जमकर खरीदारी करने का मन है, तो एक बेहद महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना जरूरी है। शॉपिंग के दौरान नया सूटकेस खरीदने के बाद अपने पुराने बैग को सड़क, किसी सार्वजनिक पार्क या होटल के बाहर लावारिस छोड़ देने की भूल बिल्कुल न करें। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यह आदत अब जापान की स्थानीय जनता, पुलिस और प्रशासन के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बन चुकी है। इस बढ़ती अव्यवस्था पर रोक लगाने के मकसद से राजधानी टोक्यो का एक प्रमुख इलाका पर्यटकों की इस हरकत पर सख्त कानूनी कदम उठाने जा रहा है।
तोशिमा वार्ड और इकेबुकुरो में लावारिस सूटकेस की बाढ़
जापान में लावारिस सूटकेस से जुड़ी यह समस्या टोक्यो के तोशिमा वार्ड में बहुत गंभीर रूप ले चुकी है। यहां के विश्वप्रसिद्ध इकेबुकुरो शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां पर्यटक अपने पुराने बैग सड़कों के किनारे, पार्कों में या होटलों के बाहर ही छोड़कर चले जाते हैं। उपलब्ध आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 के दौरान अकेले तोशिमा वार्ड में ही लगभग 290 लावारिस सूटकेस पाए गए थे।
इस स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन अब अपने सूटकेस गैर-जिम्मेदाराना तरीके से छोड़ने वाले पर्यटकों पर पेनल्टी और जुर्माना लगाने की तैयारी में जुट गया है। तोशिमा वार्ड प्रशासन की योजना मार्च 2027 के अंत तक इससे संबंधित एक नया अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) लाने की है। इस नए प्रस्ताव को अप्रैल 2027 से आधिकारिक रूप से लागू करने की तैयारी है, ताकि सार्वजनिक स्थलों पर पुराने सूटकेस फेंकने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
पर्यटक क्यों छोड़ रहे हैं अपने पुराने बैग?
इकेबुकुरो रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में यह संकट सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में होटल और शॉर्ट टर्म रेंटल (कम समय के लिए किराए पर मिलने वाले कमरे) मौजूद हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पर्यटक जापान में आने के बाद जब बड़े पैमाने पर खरीदारी करते हैं, तो वे अपनी नई वस्तुओं और स्मारकों (स्मृति-चिह्नों) को रखने के लिए एक नया सूटकेस खरीद लेते हैं।
नया बैग खरीदने के बाद पर्यटक दो मुख्य वजहों से पुराने सूटकेस को वहीं छोड़ देते हैं। पहली वजह यह है कि वे एयरलाइन की ओर से वसूले जाने वाले अतिरिक्त सामान शुल्क (एक्स्ट्रा बैगेज फीस) से बचना चाहते हैं। दूसरी वजह यह है कि जापानी मुद्रा 'येन' की विनिमय दर कमजोर होने के कारण विदेशी पर्यटकों के लिए वहां नया सूटकेस खरीदना काफी सस्ता पड़ता है। ऐसे में वे पुराने बैग को संभालने के बजाय सार्वजनिक जगहों पर लावारिस छोड़कर निकल जाना आसान रास्ता समझते हैं।
सुरक्षा का खतरा और सफाई कर्मचारियों की बढ़ती दिक्कतें
सड़क किनारे या होटलों के बाहर लावारिस पड़े सूटकेस सिर्फ गंदगी या अव्यवस्था का कारण नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा की भावना भी पैदा करते हैं। किसी भी अनजान या बिना मालिक के पड़े सूटकेस में क्या वस्तु रखी है, इसका अंदाजा लगाना कठिन होता है। ऐसे में किसी भी अनहोनी की आशंका के कारण स्थानीय निवासी तुरंत पुलिस को सूचना देते हैं।
इकेबुकुरो-होन्चो के एक स्थानीय निवासी ने 'योमिउरी शिंबुन' अखबार को बताया कि इलाके में शॉर्ट टर्म रेंटल के विस्तार के बाद से उन्होंने सड़कों पर 50 से ज्यादा सूटकेस लावारिस पड़े देखे हैं। उन्होंने खुद एक विदेशी पर्यटक को अपना पुराना बैग सड़क पर छोड़ते हुए देखा था। उनका कहना है कि जापान आने वाले सभी मेहमानों को स्थानीय नियमों और नागरिक कर्तव्यों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
तोशिमा वार्ड के क्लीनिंग ऑफिस के निदेशक मित्सुहिरो ताकाकुवा ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि कई बार सफाई कर्मचारियों को पुलिस बल की मौजूदगी में इन भारी सूटकेसों की पूरी जांच-पड़ताल करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में बहुत अधिक समय बर्बाद होता है और सफाईकर्मियों का नियमित काम भी प्रभावित होता है।
जापान के कचरा निपटान कानून के तहत 5 साल की जेल और 1 करोड़ येन जुर्माना
जापान में किसी भी प्रकार का कचरा या सामान गैर-कानूनी तरीके से फेंकना एक बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। देश के आधिकारिक दिशा-निर्देशों और वेस्ट डिस्पोजल लॉ (कचरा निपटान कानून) के तहत अवैध रूप से कचरा डंप करने के मामलों में अधिकतम 5 साल की जेल की सजा, 1 करोड़ येन तक का जुर्माना या फिर ये दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।
हालांकि अधिकारियों का यह भी स्पष्ट करना है कि यह कानून के तहत तय की गई अधिकतम सीमा है और इसका मतलब यह नहीं है कि हर लावारिस सूटकेस छोड़ने वाले पर्यटक को खुद-ब-खुद 5 साल की जेल हो जाएगी। लेकिन इस सख्त कानून से साफ जाहिर होता है कि जापान में सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर पुराना सूटकेस छोड़ना पर्यटकों की जेब और आजादी दोनों पर भारी पड़ सकता है।
टोक्यो में 2025 के दौरान मिले 4,600 सूटकेस, 70 फीसदी का कोई दावेदार नहीं
पुराने सूटकेस लावारिस छोड़ने की यह विकराल समस्या सिर्फ तोशिमा वार्ड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी राजधानी टोक्यो इसकी चपेट में है। रिपोर्टों के अनुसार, साल 2025 के दौरान पूरे टोक्यो शहर में करीब 4,600 सूटकेस पुलिस रिकॉर्ड में लावारिस सामान के रूप में दर्ज किए गए थे। अगर इसकी तुलना पिछले वर्षों से करें, तो साल 2022 में यह आंकड़ा लगभग 2,600 सूटकेस था, जो दर्शाता है कि यह समस्या कितनी तेजी से बढ़ रही है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस के पास जमा होने वाले इन बैग्स में से लगभग 70 फीसदी सूटकेस को वापस लेने कोई भी दावेदार नहीं आता है। जापानी नियमों के अनुसार पुलिस ऐसे लावारिस सामान को तीन महीने तक सुरक्षित रखती है। इस तय समयावधि के बाद भी यदि कोई इन्हें लेने नहीं पहुंचता, तो ये सूटकेस टोक्यो मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट की आधिकारिक संपत्ति बन जाते हैं। इसके बाद सरकार सार्वजनिक निविदा (पब्लिक टेंडर) की नीलामी प्रक्रिया के जरिए इन्हें व्यापारियों को बेच देती है।
जापान के प्रमुख एयरपोर्ट्स भी लावारिस सूटकेस से बेहाल
टोक्यो शहर के अलावा जापान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। नरीता एयरपोर्ट पर साल 2025 में 1,201 लावारिस सूटकेस मिले, जो तीन साल पहले के आंकड़ों की तुलना में लगभग 50 फीसदी अधिक है।
इसी प्रकार, कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अप्रैल से अगस्त के बीच ही 315 सूटकेस लावारिस हालत में पाए गए। इसके अलावा, चुबु सेंट्रेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी हर महीने करीब 50 लावारिस सूटकेस मिलने की बात सामने आई है। एयरपोर्ट प्रशासन के लिए इन लावारिस सूटकेसों की सुरक्षा जांच करना और इन्हें संभाल कर रखना एक बड़ी लॉजिस्टिक्स चुनौती बन गया है।
रिकॉर्ड विदेशी पर्यटकों के आगमन के साथ बढ़ी चुनौती
जापान में पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में जबरदस्त उछाल देखा गया है। जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन (JNTO) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में रिकॉर्ड 4 करोड़ 26 लाख 83 हजार 600 (4,26,83,600) विदेशी पर्यटक जापान पहुंचे थे।
इसके मुकाबले, साल 2024 में यह संख्या लगभग 3 करोड़ 68 लाख 70 हजार (3,68,70,000) दर्ज की गई थी। इस तरह एक ही साल में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 15.8 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जैसे-जैसे विदेशी सैलानियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बन रहा है, वैसे-वैसे सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, नागरिक व्यवस्था और कचरा प्रबंधन की चुनौतियां भी गंभीर रूप ले रही हैं।
सूटकेस का अनूठा इस्तेमाल, होटल की छत पर उग रही हैं सब्जियां
एक तरफ जहां लावारिस सूटकेस प्रशासन और पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ संस्थान इसका बेहद रचनात्मक और पर्यावरण-अनुकूल इस्तेमाल भी कर रहे हैं। टोक्यो के चियोदा वार्ड में स्थित होटल निवा टोक्यो ने एक अनूठी मिसाल कायम की है।
यह होटल साल 2023 से ही अपने मेहमानों द्वारा छोड़ दिए गए सूटकेस का इस्तेमाल 'प्लांटर' (पौधे लगाने के गमले) के रूप में कर रहा है। होटल प्रबंधन इन पुराने सूटकेसों में अपनी छत पर बनी 'रूफटॉप वेजिटेबल गार्डन' में तरह-तरह की सब्जियां उगाता है। बाद में इन जैविक और ताजा सब्जियों का उपयोग होटल के ही रेस्टोरेंट में मेहमानों के लिए खाना बनाने में किया जाता है। हालांकि, ऐसे रचनात्मक उपयोग बेहद सीमित हैं और प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता पर्यटकों को कड़े नियमों के जरिए गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से रोकना ही है।
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