भारत की किस मिसाइल से कांप उठा तुर्की? पाकिस्तान के दोस्त को सता रहा यह डर विश्व एक घंटा पहले 2
ग्रीस के साथ भारत की बढ़ती रक्षा नजदीकियों ने तुर्की की चिंता बढ़ा दी है। तुर्की मीडिया में भारत की लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल LR-LACM को लेकर बेचैनी जताई जा रही है।

भारत की एक मिसाइल इन दिनों तुर्की की नींद उड़ाए हुए है। तुर्की के मीडिया में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिनमें दावा किया गया है कि ग्रीस भारत के साथ अपने रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है। सबसे अधिक चर्चा भारत की लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल यानी LR-LACM को लेकर हो रही है। तुर्की मीडिया का मानना है कि ग्रीस, तुर्की के तेजी से फलते-फूलते रक्षा उद्योग और उसकी मिसाइल क्षमता के जवाब में नए विकल्पों की तलाश कर रहा है और इसी सोच के तहत वह भारत के साथ सैन्य रिश्ते मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

तुर्की मीडिया के अनुसार बीते एक साल के दौरान ग्रीस और भारत के बीच रक्षा से जुड़ी बातचीत में तेजी आई है। कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया है कि उच्चस्तरीय सैन्य बैठकों में भारतीय अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से इस मिसाइल प्रणाली की जानकारी ग्रीस को साझा की थी। हालांकि भारत या ग्रीस में से किसी ने भी ऐसी किसी बातचीत या सौदे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

तुर्की की बेचैनी की असली वजह

तुर्की के रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि LR-LACM जैसी लंबी दूरी की मिसाइल ग्रीस की रणनीतिक ताकत को कई गुना बढ़ा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिसाइल की मारक क्षमता 1000 से 1500 किलोमीटर तक हो सकती है। तुर्की मीडिया में यह आशंका जताई गई है कि अगर यह मिसाइल ग्रीस तक पहुंच जाती है, तो तुर्की के भीतर मौजूद एयरबेस, रडार स्टेशन, कमांड सेंटर और दूसरे अहम सैन्य ठिकाने इसकी रेंज में आ सकते हैं। यही कारण है कि तुर्की में इस आशंका को लेकर बहस तेज हो गई है।

क्या है भारत की LR-LACM मिसाइल

LR-LACM को भारत का रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO तैयार कर रहा है और यह देश के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम का हिस्सा है। इसे निर्भय तथा इंडिजिनस टेक्नोलॉजी क्रूज मिसाइल कार्यक्रमों से हासिल तकनीकों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। आइए जानते हैं इसकी खास बातें—

  • 1000 से 1500 किलोमीटर तक की रेंज।
  • स्वदेशी माणिक टर्बोफैन इंजन।
  • बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता।
  • रडार की पकड़ से बचने के लिए विशेष रूप से डिजाइन।
  • सटीक नेविगेशन सिस्टम।
  • रणनीतिक और हाई वैल्यू टारगेट पर हमला करने की क्षमता।

भारत-ग्रीस संबंध क्यों मायने रखते हैं

बीते कुछ वर्षों में भारत और ग्रीस के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हुआ है। अभी तक कोई रक्षा सौदा भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन बातचीत जारी है। ब्रह्मोस को लेकर भी दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है। दोनों देश सैन्य अभ्यास, रक्षा संवाद और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी दोनों की सोच कई मामलों में एक जैसी मानी जाती है।

फिलहाल ग्रीस को भारतीय LR-LACM मिसाइल दिए जाने या किसी खरीद वार्ता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सिर्फ इस संभावना ने ही तुर्की के माथे पर पसीना ला दिया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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