गुयाना में भीषण समुद्री हादसा: 116 यात्रियों से भरी फेरी डूबी, बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी विश्व 20 घंटे पहले 4
दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के तट पर एक बड़ा नाव हादसा हुआ है जिसमें 116 लोगों को ले जा रही फेरी समुद्र में समा गई। अब तक 53 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

गुयाना में बड़ा समुद्री संकट

दक्षिण अमेरिका स्थित गुयाना से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ यात्रियों और चालक दल के सदस्यों से खचाखच भरी एक फेरी समुद्र की लहरों के बीच अनियंत्रित होकर पलट गई और देखते ही देखते डूब गई। इस फेरी में कुल 116 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बचाव अभियान शुरू किया गया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 53 लोगों को मौत के मुंह से सुरक्षित निकाल लिया गया है, हालांकि बाकी यात्रियों की स्थिति और उनकी वर्तमान संख्या को लेकर अभी भी स्पष्टता का इंतजार है।

हादसे का विवरण और स्थान

मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुई फेरी का नाम एमवी बरिमा (MV Barima) है। यह जहाज राजधानी जॉर्जटाउन से अपनी यात्रा शुरू करके पोर्ट कैतूमा की ओर जा रहा था। हादसे का शिकार यह जहाज रास्ते में आयरन पंट के समीप पहुंचा था, तभी देर रात अचानक इसका संतुलन बिगड़ गया और यह पलट गया। बताया जा रहा है कि फेरी के पलटते ही चालक दल द्वारा आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल भेजा गया, जिसके चलते प्रशासन को घटना की तुरंत जानकारी मिल सकी और राहत कार्य शुरू हो पाया।

सरकारी एजेंसियों की सक्रियता

गुयाना के लोक निर्माण मंत्री जुआन एडघिल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया था। बचाव कार्य को गति देने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ वहां मौजूद निजी नौकाओं को भी मदद के लिए तैनात किया गया। कोस्ट गार्ड और आसपास की अन्य नावों की मदद से पानी में डूबे कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मंत्री के मुताबिक, यह फेरी जॉर्जटाउन से दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर रवाना हुई थी। घायलों और बचाए गए यात्रियों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराने के लिए मेडिकल टीमों को भी घटनास्थल पर भेज दिया गया है।

पुराना जहाज और सुरक्षा व्यवस्था

हादसे का शिकार हुई एमवी बरिमा काफी पुरानी बताई जा रही है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इस जहाज का निर्माण वर्ष 1939 में हुआ था और इसकी कुल लंबाई लगभग 40 मीटर है। सुरक्षा मानकों के दृष्टिकोण से यह बात सामने आई है कि जहाज पर 250 लाइफ जैकेट, दो लाइफबोट और 6 फुलाने वाली लाइफ राफ्ट मौजूद थीं। इतने सुरक्षा उपकरणों के बावजूद इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है और प्रशासन ने इसके कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री कर रहे हैं निगरानी

देश के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स खुद इस पूरे राहत और बचाव अभियान की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को लापता लोगों की तलाश तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिस क्षेत्र में यह फेरी जा रही थी, यानी पोर्ट कैतूमा, वह एस्सेक्विबो इलाके में स्थित है। यह क्षेत्र लंबे समय से गुयाना और पड़ोसी देश वेनेजुएला के बीच एक विवादित मुद्दा बना हुआ है। फिलहाल पूरे देश की निगाहें बचाव दल के कार्यों पर टिकी हैं और हर कोई उन लोगों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहा है जो अभी भी लापता हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को समय रहते जीवित बाहर निकालना है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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